छह महीने पहले तक किसी ने भी नहीं, यहां तक कि फ्रांस के मशहूर एस्ट्रोलाजर नास्त्रेदमस ने भी यह भविष्यवाणी नहीं की थी कि हमारी जिंदगी का फलसफा पूरी तरह बदल जाएगा और हर किसी के लिए हर चीज उलटी हो जाएगी। 

कोविड-19 के कारण समाज पर हर तरफ नकारात्मक असर पड़ा। चाहे वित्तीय हो या फिर मानसिक या फिर सामाजिक, हर तरह अप्रत्याशित और अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिला। कोरोना वायरस महामारी ने दुनिया के हर एक शख्स की जिंदगी को किसी ना किसी रूप में प्रभावित किया।

मार्च में जब पूरे देश में लाकडाउन लागू किया गया, तब से लेकर आज तक तकरीबन 14 करोड़ कामगारों को रोजगार से हाथ गंवाना पड़ा। इनमें से 75 फीसदी छोटे और मझोले स्तर के रोजगारों में शामिल लोग थे। इससे देश में एक अप्रत्याशित स्थिति उत्पन्न हुई और अगर यही हालात रहा तो देश को इससे भी बुरी स्थिति देखने को मिल सकती है। 

ऐसी स्थिति में भारत के अग्रणी स्पोर्ट्स आईपी क्रिएटर प्रोकेम इंटरनेशनल ने इट्स टाइम टू गेट इंडिया टू मृव फार गुड अभियान के तहत वृहस्पतिवार को लाइवलीहूड्स के सपोर्ट में देश का सबसे बड़ा सिटिजन आधारित मूवमेंट शुरू करने की घोषणा की। इसे सनफीस्ट इंडिया रन एज वन नाम दिया गया है जिसे 15 अगस्त को यानी स्वतंत्रता दिवस के दिन शुरू किया जाएगा।

सनफीस्ट इंडिया रन एज वन अपने तरह का पहला डिजिटली सपोर्टेड एक्टिव पार्टिसिपेटिरी इवेंट है, जो देश और दुनिया में पर्पसफुल फंडरेजिंग को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया है। इस मुहिम की शुरुआत समाज के उस वर्ग को मदद पहुंचाने के लिए की गई है, जो आज सबसे अधिक हाशिए पर है और जिसे इस महामारी से सबसे अधिक आर्थिक और मानसिक नुकसान हुआ है। सनफीस्ट इंडिया रन एज बन के लिए रजिस्ट्रेशन एक अगस्त से शुरू हो रहा है और इसकी शुरुआत 15 अगस्त, 2020 को होगी।

देश के 74वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शुरू हो रहे सनफीस्ट इंडिया रन एज वन के माध्यम से कश्मीर से कन्याकुमारी के बीच की दूरी को 74 बार नापने की लक्ष्य रखा गया है। यह मुहिम यह दिखाने का प्रयास है कि हमारे अंदर कितनी क्षमता है और इस क्षमता के दम पर हम उन लोगों की जिंदगी में कितना बदलाव ला सकते हैं, जो आज सबसे अधिक हाशिए पर हैं। इस अभियान के लिए लाइवलीहूड्समैट हैशटैग चुना गया है।

इस मुहिम में हिस्सा लेने के लिए किसी देश की सीमा की बाध्यता नहीं है। इसमें किसी भी देश का इंसान हिस्सा ले सकता है। इसमें पेदल चलने, दौड़ने, जागिंग करने या फिर व्हीलचेयर पर किलोमीटर तय करने की छूट है और ऐसा करते हुए हर पंजीकृत व्यक्ति किसी ना किसी के लिए जीवन बदलने वाला काम कर सकेगा। इस अभियान में हिस्सा लेने के लिए एक साधारण फीस 99 रुपए (या उससे अधिक) की रखी गई है। जो जितना चाहे योगदान कर सकता है और वाक, रन या फिर जॉगिंग के माध्यम से इस अभियान में भागीदार बनने की शपथ ले सकता है। 

इस अभियान के तहत रजिस्ट्रेशन फीस के इतर भी डोनेशन स्वीकार किए जाएंगे ताकि इससे उन लोगों की जिंदगी में बदलाव की नई बयार जाई जा सके, जिन्होंने इस महामारी के दौरान काफी कुछ खोया है। कारपोरेट कंपनियां इस मुहिम में हिस्सा लेने के लिए ग्रुप रजिस्ट्रेशन करा सकती हैं।

ग्रुप हो या फिर एक अकेला व्यक्ति उसके प्रोफाइल की मदद से फंडरेजिंग संभव है। हर कोई अपने प्रोफाइल के माध्यम से फंडरेजिंग के लिए आग्रह कर सकता है। सनफीस्ट इंडिया रन एज वन सभी प्रतिभागियों से यह निवेदन करता है कि वे दैनिक गतिविधियों के लिए अपने राज्य या फिर केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। इस नेशन वाइड मूवमेंट को सफल बनाने के लिए भारत के अग्रणी बिस्किट एवं स्नैकिंग ब्रांड आईटीसी के सनफीस्ट बिस्किट सबसे आगे आया है।

सनफीस्ट रन एज वन पूरी तरह सामुदायिक पहल है, जो इससे जुड़े हर एक व्यक्ति द्वारा दैनिक आधार पर किए गए वाकिंग, रनिंग, जागिंग से न सिर्फ लोगों की मदद कर सकेगा बल्कि इससे जुड़े व्यक्ति को भी सकारात्मक और ऊर्जा से भरपूर बनाए रखेगा। सनफीस्ट इंडिया रन एज वन ने इस बुरे समय में खराब हालात से गुजर रहे लोगों की जिंदगी में बदलाव लाने के लिए कई तरह के अन्य करार किए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य दुनिया में एक सकारात्मक बदलाव लाना है और साथ ही साथ यह संदेश देना है कि हमारी धरती अब भी रहने के लिए एक शानदार जगह है।