देश में कोरोना की दूसरी लहर ने तबाही मचा रखी है, उसपर तीसरे लहर की चेतावनी ने आम लोगों को दहशत में ला दिया है।  विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के खात्मे के लिए वैक्सीनेशन ही एकमात्र उपाय है।  ऐसे में हर वयस्क व्यक्ति कोरोना वायरस का टीका लगवाना चाहता है।  सरकार ने भी टीकाकरण 18 वर्ष से अधिक के लोगों के लिए खोल दिया है।  इससे पहले 45 से अधिक के लोगों को टीका लग रहा था। 

ऐसे में हालात यह है कि वैक्सीन लगवाने वाले लोग ज्यादा हैं, लेकिन वैक्सीन कम हैं।  सरकार ने एक मई से 18-44 साल के लोगों के लिए वैक्सीनेशन की शुरुआत करने की घोषणा तो कर दी देश के गिने-चुने राज्यों में ही यह ड्राइव शुरु हो पाया। 

दिल्ली में 18-44 सा़ल के लोगों को टीका लग रहा है और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का यह दावा है कि अगर उन्हें वैक्सीन की सही मात्रा उपलब्ध करा दी जाये तो वे पूरे दिल्ली को तीन महीने में वैक्सीन लगा देंगे। 

लेकिन दिल्ली के हालात ऐसे हैं कि स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र ने बताया है कि वहां वैक्सीन की सख्त कमी है।  कोवैक्सीन का स्टाॅक मात्र एक दिन का शेष है जबकि कोविशील्ड का स्टाॅक तीन से चार दिन का है। 

दिल्ली सरकार ने वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ा दी है।  एक दिन पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र से आग्रह किया था कि वह टीका निर्माताओं को मई से जुलाई के बीच दिल्ली को वैक्सीन की आपूर्ति बढ़ाने का निर्देश दे। 

रविवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली को 18-44 वर्ष के लोगों को कोरोना टीका लगाने के लिए 5.5 लाख डोज मिले थे।  जबकि 45 वर्ष से अधिक और स्वास्थ्य देखभाल तथा अग्रिम पंक्ति के कर्मियों के लिए 43 लाख से अधिक डोज मिले हैं।  राष्ट्रीय राजधानी में अब तक करीब 39 लाख लोगों को वैक्सीन दिया जा चुका है।