देश के दक्षिणी हिस्से में मौसम विभाग (Meteorological Department) ने बारिश के आसार जाहिर किए हैं. विभाग के अनुसार केरल, तमिलनाडु, पुड्डुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय कर्नाटक और मध्य महाराष्ट्र में बारिश के आसार हैं. इन क्षेत्रों में बिजली चमकने के साथ तेज हवा भी चल सकती है.

वहीं दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (Delhi-National Capital Region witnessed a thick layer of haze) में दिवाली पर खूब पटाखे जलाए जाने के बाद शुक्रवार को धुंध की मोटी परत छाई  रही और वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘गंभीर’ श्रेणी में चला गया. प्रदूषण में पराली जलाने का योगदान 36 प्रतिशत रहा, जो इस मौसम में अब तक का सबसे अधिक उत्सर्जन है. हवा की गुणवत्ता खराब होने के कारण दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को गले में जलन और आंखों में पानी आने की दिक्कतों से जूझना पड़ा. त्योहारों के मौसम से पहले दिल्ली सरकार ने एक जनवरी 2022 तक पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी और पटाखों की बिक्री तथा इस्तेमाल के खिलाफ सघन अभियान चलाया था.

दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बृहस्पतिवार रात ‘गंभीर’ श्रेणी में प्रवेश कर गया और शुक्रवार को दोपहर तीन बजे यह 463 पर पहुंच गया. फरीदाबाद (464), ग्रेटर नोएडा (441), गाजियाबाद (461), गुरुग्राम (470) और नोएडा (471) में अपराह्न तीन बजे वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Air Quality Index) के अनुसार, फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने वाले महीन कण यानी पीएम2.5 की 24 घंटे की औसत सांद्रता बढ़कर शुक्रवार को दोपहर दो बजे 430 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर हो गयी जो 60 माइकोग्राम प्रति घन मीटर की सुरक्षित दर से करीब सात गुना अधिक है. बृहस्पतिवार शाम छह बजे इसकी औसत सांद्रता 243 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर थी.