कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संघों ने आज राष्ट्रव्यापी बंद कर दिया है। आज सभी तरह की सेवाएं बंद हैं। बजारा, व्यापार, संस्थाएं सभी बंद है। किसानों ने आह्वान किया है कि जब तक केंद्र नए कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लेती तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। किसान नेताओं ने कहा कि किसी को भी बंद में शामिल होने के लिए बाध्य नहीं किया लेकिन कुछ मजदूर संघों ने भी समर्थन देने का ऐलान किया है। कई संगठनों के किसानों के समर्थन में समानांतर प्रदर्शन करने की घोषणा की है।


बता दें कि भारत बंद में इन सेवाओं पर रोक रहेगी जैसे राज्यों हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में सभी मंडियां बंद रहेगी। इसी के साथ सुबह 8 बजे से लेकर शाम 3 बजे तक चक्का जाम रहेगा। इससे यातायात सेवाएं प्रभावित हो रही है जिससे बस-रेल से यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी हो रही है। इसी के साथ आवश्यक चीजों जैसे दूध, फल और सब्जियों पर बाजार बंद होने के कारण रोक लग गई है।


भारत बंद में प्रदर्शनकारियों ने एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाएं, मेडिकल स्टोर इन सेवाओं में छूट दी है। इसी के साथ अस्पताल सामान्य दिनों की तरह खुले रहेंगे और शादियों पर किसी तरह की कोई पाबंदी नहीं रहेगी। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि दुकानदारों से भी इस अवधि के दौरान अपनी दुकानें बंद रखने का अनुरोध किया है। भारतीय किसान एकता संगठन के अध्यक्ष जगजीत सिंह दल्लेवाला ने किसानों से शांति बनाकर रखने और बंद लागू करने के लिए किसी से झगड़ने की अपील नहीं की है।