अफगानिस्तान और तालिबान के बीच चल रही उथल-पुथल का असर भारतीय ड्राई फ्रूट बिजनेस पर भी पड़ रहा है। हाल ही में ड्राई फ्रूट्स यानी सूखे मेवे की कीमतों में तेजी से उछाल आया है। मालूम हो कि भारत में नट्स की सप्ताई अफगानिस्तान और पाकिस्तान से ज्यादा होती है। ऐसे में बहुत से लोग जो सेहत का ध्यान रखते हैं वे सूखे मेवों से मिलने वाले पोषक तत्वों का विकल्प तलाश रहे हैं। ड्राई फ्रूट्स की जगह बाजार में कुछ ऐसे बीज हैं जो आपकी सेहत के लिए फायदेमंद हैं। ये बीज एंटीऑक्सिडेंट और अच्छे वसा से भरपूर होते हैं। ये उन लोगों के लिए सुपरफूड हो सकते हैं जिनके लिए नट्स महंगे हैं।

तिल बचाए आपका दिल

तिल शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट के अलावा पॉलीअनसेचुरेटेड और मोनोअनसैचुरेटेड फैट से समृद्ध हैं जो स्वाभाविक रूप से संतुलित आहार का हिस्सा हैं। ये बीज हृदय से संबंधित हर तरह की बीमारी जैसा अटैक और स्ट्रोक को मात देते के लिए एक्सीलेंट सोर्स हैं। इनमें अधिक मात्रा में विटामिन बी पाया जाता है जो हमारी त्वचा के लिए अच्छा होता है। साथ ही ये मधुमेह और कैंसर को भी दूर रखने में मदद करते हैं। इतना ही नहीं, इन बीजों में अधिक मात्रा में कैल्शियम और लिनोलिक एसिड भी होता है। दिल में हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को कम करने वाला ओमेगा -6 फैटी एसिड भी पाया जाता है। इनमें दो विशेष प्रकार के लिग्निन भी होते हैं - सेसमिन और सेसमोलिन - जिन्हें कोलेस्ट्रॉल कम करने और उच्च रक्तचाप की रोकथाम के प्रभाव के लिए दिखाया गया है।

स्वस्थ त्वचा और बालों के लिए सूरजमुखी

पीले नहीं, वास्तव में सूरजमुखी के बीज भूरे-हरे या काले रंग के होते हैं, जो पॉलीअनसेचुरेटेड वसा यानी अच्छे फैट और विटामिन ई से भरपूर होते हैं। यह एक एंटीऑक्सिडेंट है जो हमारी कोशिकाओं को नुकसान से बचाता है। इसके साथ ही स्वस्थ बालों और त्वचा को बनाए रखने में मदद करता है। ये बीज स्वाभाविक रूप से ब्लड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करते हैं। इनमें मैग्नीशियम भी होता है, जो आपकी हड्डियों और फोलेट के लिए बहुत अच्छा होता है। सूरजमुखी के बीज आपके शरीर को डिटॉक्स और शुद्ध करने में भी मदद करते हैं।

इम्युनिटी बढ़ाने के लिए कद्दू के बीज

कद्दू के बीज लाइट क्रंची, हरा रंग और अखरोट जैसे स्वाद के होते हैं। ज्यादातर लोगों को ये बीज बहुत स्वादिष्ट लगते हैं। आयरन, मैग्नीशियम और जिंक से भरपूर, ये बीज कैरोटेनॉयड्स नामक एंटीऑक्सिडेंट से भरे होते हैं, जो प्रतिरक्षा को बढ़ाते हैं। इसमें ट्रिप्टोफैन नामक अमीनो एसिड होता है, जो चिंता को कम करने में मदद करता है। पंपकिन सीड्स विटामिन क्च से भी भरपूर होते हैं। तो अगली बार, बी सप्लीमेंट्स को पॉप करने के बजाय, आपको इन बीजों के एक बड़े चम्मच पर क्रंच करना चाहिए।

कैंसर की रोकथाम के लिए अलसी के बीज

जो लोग शाकाहारी हैं या मछली का स्वाद पसंद नहीं करते हैं, उनके लिए अलसी के बीज तारणहार साबित हो सकते हैं, क्योंकि ये सुपर हेल्दी सामग्री जैसे अच्छे फैट और ओमेगा 3 से समृद्ध होते हैं। अलसी के बीजों में अल्फा-लिनोलेनिक एसिड होता है, जो ओमेगा -3 फैटी एसिड परिवार का अग्रदूत है। जाहिर तौर पर अलसी भारत में कुछ हिस्सों में पहले से ही लोकप्रिय है। कई लोग अलसी के लड्डू और चटनी खाना भी पसंद करते हैं। आप इसका कई फॉर्म में इस्तेमाल कर सकते हैं।

अलसी के बीज के फायदे

इसमें कैंसर को कम करने वाले यौगिक भी होते हैं जिन्हें लिग्नान कहा जाता है। यह एक प्रकार का फाइटोएस्ट्रोजन है, जो रोग पैदा करने वाली सूजन को कम करता है और ब्रेस्ट कैंसर को रोकने में विशेष रूप से फायदेमंद है। एक जापानी शोध में यह भी पाया गया है कि महत्वपूर्ण अवसाद वाले लोग डोकोसाहेक्सैनोइक और ईकोसापेंटेनोइक एसिड के निम्न स्तर से भी पीडि़त होते हैं, जो दोनों सन (मछली और अखरोट के अलावा) में पाए जाते हैं। यह बीज शक्तिशाली खनिजों, पाचन के अनुकूल फाइबर, अच्छी गुणवत्ता वाले शाकाहारी प्रोटीन, बहुत सारे विटामिन, मूड बूस्टर और रोग निवारक घटकों के भार से भरे होते हैं। इसलिए इन्हें रोज खाएं!