PM मोदी प्लान बना रहे हैं कि जहां कोरोना हॉटस्‍पॉट नहीं वहां लॉकडाउन के बाद सरकारी ऑफिस खुलेंगे। इस खतरनाक वायरस को रोका जा सके, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में 21‍ दिन का लॉकडाउन किया था। आम जनजीवन तो पूरी तरह ठप हुआ ही, कारोबार की स्‍पीड भी कछुए जैसी हो गई। लॉकडाउन खत्‍म होगा या नहीं, ये फैसला इस सप्‍ताह ले लिया जाना चाहिए। ऐसा भी हो सकता है कि सरकार उन इलाकों में अपने ऑफिसेज खोल दे जहां कोरोना के मामले नहीं हैं। सोमवार को कैबिनेट मीटिंग में पीएम मोदी ने इशारा किया कि लॉकडाउन के बाद, चरणबद्ध तरीके से सरकारी ऑफिस खोले जा सकते हैं। हालांकि ऐसा उन्‍हीं जगहों पर किए जाने का प्‍लान होगा जहां कोरोना वायरस के ज्‍यादा मरीज नहीं हैं। प्रधानमंत्री ने सोमवार को कैबिनेट मीटिंग में मंत्रियों से इस संबंध में एक प्‍लान तैयार करने को कहा है।


लॉकडाउन की सबसे बुरी मार पड़ी किसानों पर, जिनकी फसलें कटनी वाली थीं या कट कर खेत में पड़ी थीं। लॉकडाउन में वे परेशान हैं, करें तो क्‍या करें। ऐसे किसानों की मदद के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्र‍ियों को एक खास सलाह दी। सोमवार को वे वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए अपने साथियों से जुड़े थे। उसी दौरान पीएम मोदी ने सभी मंत्रियों से कहा कि वे एप आधारित कैब/टैक्सी की तरह ‘ट्रक एग्रीगेटर्स’ जैसे इनोवेटिव तरीके का इस्तेमाल कर किसानों को मंडियों से जोड़ें।
इससे पहले, पीएम सोमवार को ही बीजेपी कार्यकर्ताओं से पार्टी के 40वें स्‍थापना दिवस पर बात करते समय कह चुके थे कि कोरोना के खिलाफ जंग लंबी चलने वाली है। उन्‍होंने कहा था, 'देश को लंबी लड़ाई के लिए तैयार होना होगा। इसमें न थकना है, न हारना है। लंबी लड़ाई के बावजूद हमें जीतना है, विजय होकर निकलना है। संकल्प एक है कोरोना के खिलाफ विजय, लड़ाई में जीत।'
प्रधानमंत्री ने कहा कि COVID-19 के खिलाफ लड़ाई में प्रेरित, संकल्पित और सतर्क रहने की जरूरत है। उन्‍होंने संबंधित मंत्रियों से कहा कि वे गरीब कल्‍याण योजना पर ध्‍यान दें कि उसके फायदे बिना किसी रुकावट के लाभार्थियों तक पहुंचें। उन्‍होंने कहा कि जो जिले हॉटस्‍पॉट्स हैं, वहां मौके के हालात से वाकिफ रहें और समस्‍याएं दूर करें। PDS सेंटर्स पर भीड़ ना हो, मॉनिटरिंग ठीक से करें और शिकायतों पर फौरन एक्‍शन लें। ब्‍लैक मार्केटिंग और जरूरी चीजों के दाम बढ़ने से रोकिए।
पीएम मोदी ने कहा कि जरूरी दवाओं का उत्‍पादन ठीक समय पर हो और प्रोटेक्‍शन इक्विपमेंट्स भी जल्‍दी बनें। उन्‍होंने कहा कि जरूरी वस्‍तुओं की सप्‍लाई लाइंस चालू रहने और उपलब्‍धता के लिए माइक्रो लेवल पर प्‍लानिंग की जरूरत है। उन्‍होंने कहा कि लॉकडाउन खत्‍म होने के बाद पैदा होने वाले हालात के लिए रणनीति बनाना जरूरी है। उन्‍होंने सभी मंत्रियों से उन 10 बड़े फैसलों और 10 प्राथमिकता वाले इलाकों की लिस्‍ट तैयार करने को कहा है जो वे लॉकडाउन के बाद करना चाहते हैं। पीएम ने यह भी कहा कि चुनौतियों के बीच, भारत को दूसरे देशों पर अपनी निर्भरता कम करने की जरूरत है। उन्‍होंने सभी विभागों से मेक इन इंडिया को प्रमोट करने से जुड़े उपाय करने को कहा।