पित्त की थैली में पथरी यानी गॉल ब्लैडर में स्टोन होना बहुत आम समस्या है। महिला और मोटे लोगों के अलावा बुजुर्ग और छोटे बच्चे भी इससे ग्रसित हैं। यह बीमारी बेशक इतनी खतरनाक नहीं है, लेकिन इसके कारण, लक्षण और इलाज को जितनी जल्दी जान लेंगे, उतनी जल्दी समस्याओं से राहत मिल जाएगी। 

पित्ताशय की थैली ऊपरी दाहिने पेट में लीवर के नीचे एक छोटा सा नाशपति के आकार का अंग है। इसका काम होता है पित्त को गाढ़ा करना। यह डाइजेशन में बहुत मदद करता है। यह लीवर में बनता है गॉल ब्लैडर में स्टोर होता है और फिर इंटेस्टाइन में जाकर खाने की डाइजेशन में मदद करता है।

अधिकांश पथरी तब बनती हैं, जब पित्त में बहुत ज्यादा कोलेस्ट्रॉल होता है। हावर्ड हेल्थ पब्लिकेशन के अनुसार, 80 प्रतिशत पित्त पथरी कोलेस्ट्रॉल से बनी होती है। अन्य 20 प्रतिशत पित्त पथरी कैल्शियम सॉल्ट और बिलीरूबीन से बनती है।।

बिलीरुबिन एक केमिकल है, जो तब बनता है जब आपका लीवर पुरानी रेड ब्ल्ड सेल्स को नष्ट कर देता है। कुछ स्थितियां जैसे ब्लड डिसऑर्डर आपके लीवर को उससे अधिक बिलीरूबीन का उत्पादन का कारण बनते हैं। पिगमेंट पित्त पथरी तब बनती है, जब आपका पित्ताशय अतिरिक्त बिलीरुबिन को तोड़ नहीं पाता। ये कठोर पत्थर अक्सर भूरे या काले रंग के होते हैं।

आपके पित्ताशय की थैली को स्वस्थ रहने और ठीक से काम करने के लिए अपने पित्त को खाली करने की जरूरत होती है। यदि यह अपनी पित्त सामग्री को खाली करने में विफल होता है, तो पित्त ज्यादा जमा हो जाता है, जिससे पथरी बनने लगती है।