कर्नाटक सरकार ने कहा है कि जो छात्र हिजाब के समर्थन में प्रदर्शन करते हुए प्री यूनिवर्सिटी के प्रायोगिक परीक्षा में शामिल नहीं हुए थे, अब उनके लिए दोबारा परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। इससे पहले सरकार ने संकेत दिया था कि वे छात्र पुन: परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। 

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हालांकि बाद में यह साफ हो गया कि जो छात्र परीक्षा में अनुपस्थित थे उनके लिए दोबारा परीक्षा आयोजित नहीं होगी। शिक्षा मंत्री बी सी नागेश ने कहा कि सरकार उन छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित नहीं कर सकती है, जो पुन: परीक्षा में शामिल होने के लिए परीक्षा में अनुपस्थित हुए थे।

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उन्होंने कहा, अगर इसे स्वीकार कर लिया जाता है तो आगे से अन्य छात्र भी किसी अन्य चीजों का हवाला देकर दोबारा परीक्षा में शामिल होने के लिए मांग करेंगे। राज्य में प्रायोगिक परीक्षा बोर्ड परीक्षा में 100 में से 30 अंक की होती है। उल्लेखनीय है कि राज्य में फरवरी माह में हिजाब का मुद्दा काफी गरमा गया था, जब कुछ मुस्लिम छात्राओं ने क्लासरूम में पढऩे के दौरान हिजाब पहनने पर जोर दिया था।