फरवरी महीने में आम आदमी को महंगाई का बड़ा झटका लगा है।  दरअसल, फरवरी में खुदरा महंगाई 5.03 फीसदी पर पहुंच गई है. खाने-पीने की चीजों और ईंधन की महंगाई में सबसे ज्यादा बढ़त देखने को मिली है।  इससे पहले जनवरी महीने में रिटेल महंगाई 4.06 फीसदी रही थी, जो अक्टूबर 2020 के बाद सबसे निचला स्तर था।  वहीं, जनवरी में इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन 1.6 फीसदी घटा है। 

बता दें कि आरबीआई बैंक दरों के निर्धारण में रिटेल महंगाई पर खास नजर रखता है।  आरबीआई को सीपीआई इन्फ्लेशन 4 फीसदी (+,- 2 फीसदी) पर सीमित करने का लक्ष्य दिया गया है। 

फरवरी महीने सब्जियों की रिटेल महंगाई -6.25 फीसदी पर रही है जो कि जनवरी में -15.84 फीसदी पर रही थी।  फरवरी में फ्यूल और लाइट की महंगाई दर जनवरी के 3.87 फीसदी से घटकर 3.53 फीसदी पर रही है।  वहीं हाउसिंग की रिटेल महंगाई जनवरी के 3.25 फीसदी से मामूली तौर पर घटकर 3.23 फीसदी रही है।  फरवरी में कपड़े और जूते की महंगाई दर जनवरी के 3.82 फीसदी से बढ़कर 4.21 फीसदी पर रही है।  वहीं दालों की महंगाई दर जनवरी के 13.39 फीसदी से घटकर फरवरी में 12.54 फीसदी पर आ गई है।  फरवरी में कोर सीपीआई जनवरी के 5.7 फीसदी से बढ़कर 5.8 फीसदी पर आ गई है। 

जनवरी में इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में 1.6 फीसदी की गिरावट

वहीं, भारत के इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में जनवरी में 1.6 फीसदी की गिरावट आई है।  शुक्रवार को जारी इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन आंकड़े के मुताबिक, विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन जनवरी 2021 में 2 प्रतिशत घटा है।  वहीं खनन उत्पादन आलोच्य महीने में 3.7 फीसदी कम हुआ है।  जबकि बिजली उत्पादन में 5.5 फीसदी की वृद्धि हुई है।