सरकार से केंद्रीय कर्मचारियों को महंगाई भत्ते के मामले में राहत नहीं मिली है।  कई सारी ऐसी मीडिया रिपोर्ट्स थीं कि सरकार शनिवार को केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए), उसके बकाए व दूसरी जरूरी मांगों पर फैसला ले सकती है।  रिपोर्ट्स में जुलाई से केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों का डीए व डीआर बहाल होने की संभावना जताई जा रही थी।  लेकिन अब केंद्रीय कर्मचारियों व पेंशनरों की इन उम्मीदों पर पानी फिर गया है। 

लाई 2021 से केंद्र सरकार के कर्मचारियों को डीए फिर से शुरू करने और केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों को महंगाई राहत देने का दावा करने वाले सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक मैसेज को वित्त मंत्रालय ने झूठा बताया है।  वित्त मंत्रालय ने वायरल मैसेज को साझा करते हुए यह स्पष्टीकरण जारी किया है कि यह ऑफिस मेमोरेंडम फर्जी है।  भारत सरकार ने इस तरह का कोई आदेश नहीं दिया गया है। 

वित्त मंत्रालय ने कहा, सोशल मीडिया पर एक दस्तावेज घूम रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और केंद्र सरकार के पेंशनधारकों के लिए महंगाई राहत को जुलाई 2021 से फिर से शुरू किया जा रहा है।  यह ऑफिस मेमोरेंडम झूठा है। 

सोशल मीडिया पर वायरल हुए कथित तौर पर ऑफिस मेमोरेंडम में लिखा गया है कि कोरोना महामारी की वजह से रोके गए डीए और डीआर को एक जुलाई 2021 से फिर चालू किया जा रहा है।  इसमें यह भी कहा गया है कि एक जुलाई 2020 से एक जनवरी 2021 के बीच लंबित डीए और डीआर को तीन किस्तों में दिया जाएगा।  साथ ही लिखा गया है कि यह आदेश सभी केंद्रीय कर्मचारियों और केंद्र सरकार के पेंशनधारकों के लिए लागू होगा। 

यहां आपको बता दें केंद्रीय कर्मचारियों को अभी 17 फीसद डीए मिल रहा है।  जनवरी 2019 में यह बढ़कर 21 फीसद हो गया था।  लेकिन कोरोना महामारी के कारण बढ़ोतरी को जून 2021 तक फ्रीज कर दिया गया।  कर्मचारी संगठनों का कहना है कि जून 2020 में डीए की रकम 24 फीसद, दिसंबर 2020 में 28 फीसद और जुलाई 21 में 32 फीसद तक बढऩी चाहिए।