उर्जा विभाग में नियुक्ति के लिए आयोजित परीक्षा के पर्चे लीक होने को लेकर विवादों में घिरी सरकार की ओर से मंत्री तपन कुमार गोगोई ने आज कहा कि सरकार को बदनाम करने की साजिश के तहत कुछ धुरंधर बेरोजगार इस तरह की अफवाह फैला रहे हैं। एपीडीसीएल की परीक्षा पूरी तरह से स्वच्छ और पारदर्शी तरीके से हुई है। एपीडीसीएल में नियुक्ति के लिए किसी भी परीक्षार्थी को धन देने की जरूरत नहीं है।


विभागीय किसी अधिकारी ने भी ऐसा किया भी तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कारवाई की जाएगी। सोमवार को यहां मीडियाकर्मियों के समक्ष एपीडीसीएल की परीक्षा के पर्चे लीक होने पर सफाई देते हुए मंत्री गोगोई ने कहा कि राज्य के 669 केंद्रों में परीक्षा का आयोजन किया गया है। इन केंद्रों में लगभग 1957 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी है। इनमें से 6 केंद्रों के 8 परीक्षार्थी परीक्षा हाॅल के भीतर मोबाइल लेकर दाखिल हुए थे जिन्होंने व्हाट्सएप के जरिए प्रश्नपत्रों को लीक किया।


सभी आठों परीक्षार्थियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। यही नहीं, उन्होंने जिन-जिन लोगों को व्हाट्सएप के जरिए प्रश्नपत्र भेजा था। उन्हें भी गिरफ्तार करने का निर्देश पुलिस को दिया गया है। मंत्री गोगोई ने कहा कि सरकार को बदनाम करने के लिए कुछ बेरोजगार युवा इस तरह की हरकत कर रहे हैं। परीक्षाएं सुबह के ठीक दस बजे से शुरू हुई थी और किसी भी वजह से प्रश्नपत्र लीक होने का सवाल ही पैदा नहीं होता है। पूरी स्वच्छता और पारदर्शी प्रक्रिया से परीक्षाओं का आयोजन किया गया था।


उन्होंने आश्वस्त किया कि एपीडीसीएल में नियुक्ति के लिए आवेदनकारियों को किसी को भी एक रुपए देने की जरूरत नहीं है। नियुक्ति प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से ही होगी। उन्होंने 100 फीसदी गारंटी देते हुए कहा कि नियुक्ति में कहीं भी किसी को दो नंबरी रास्ता अपनाने की जरूरत नहीं है।