असम राज्य के बाक्सा जिले के तामुलपुर महकमांतर्गत कुमारीकाटा-काउली-गुवाबाड़ी संयोगी सड़क जर्जर अवस्था में है। इस सड़क से रोजाना सैकड़ो लोग अावागमन करते हैं। लेकिन स्वतंत्रता के लगभग 72 साल बीत जाने के बाद भी उक्त सड़क के बीचोंबीच से बह रही मटंगा नदी पर पुल नहीं होने के कारण 10-12 गांव की जनता को अावागमन में काफी कठिनाइयां झेलनी पड़ रही हैं। बरसात के मौसम में भुटान पहाड़ से बहकर आए पानी से मटंगा नदी भर जाती है।

बारिश के समय लोग बहुत कष्ट से साइकिल, मोटरसाइकिल अपने कंधे पर उठाकर पैदल पार करते हैं। छात्र-छात्राओं को भी असहनीय पीड़ा भोगनी पड़ती है। इसी तरह से नदी पार करते वक्त पूर्व में कई लोग पानी में बह गए, जिनकी मृत्यु हो गई। उल्लेखनीय है कि तामुलपुर महकमा की भारत-भूटान सीमा के काउली,बिष्णुपुर, बिंहांगापुर, तरुणगांव, चंदनपुर, हरिणचरा, नारायणपुर आदि कई गांव के लोगों के अावागमन का एकमात्र जरिया है कुमारीकाटा-काउली-गुवाबाड़़ी सड़क।

जनप्रतिनिधियों से आवेदन-निवेदन करने के बाद भी इस नदी पर पुल की कोई व्यवस्था नहीं की गई। विगत कई साल पहले मटंगा नदी पर पुल निर्माण का कार्य हुआ था, पर बरसात के समय वह पुल पानी में बह गया। कुमारीकाटा-काउली सड़क भी जर्जर अवस्था में है। मरम्मत के अभाव में जर्जर यह सड़क बारिश के समय तालाब का रूप ले लेती है, जिस पर अावागमन करना खतरों से खेलने के समान है। भुक्तभोगी जनता ने राज्य, केंद्र एवं बीटीसी सरकार से उक्त नदी पर अतिशीघ्र एक पुल बनाने एवं सड़क मरम्मत करने की मांग की है।