गुवाहाटी। कांग्रेस ने राफेल सौदे के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरना जारीरखा है। शिलॉन्ग शहर में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों सेमुखातिब होते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के प्रवक्ता और असम के सांसदगौरव गोगोई ने कहा कि यह गंभीर मुद्दा है।

इसके सभी पहलुओं की जांच की जानीचाहिए। इसलिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस मसले को उठा रहे हैं।उन्होंने दावे के साथ कहा कि साल 2019 में नरेंद्र मोदी और अमित शाह का कोईजादू काम ऩहीं अाएगा।

जनता ने अपने मतों से उचित जवाब देने के लिए ठान ली है। गौरव ने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान राफेल को लेकर एक समझौता किया गयाथा। इसके तहत यह सौदा 526.10 करोड़ रुपए में हुआ था। फ्रांस से 126 लडा़कू

विमानों के लिए करार कर लिए गए थे। करार के मुताबिक फ्रांस 18 विमानमुहैया कराने वाला था, जबकि बाकी का निर्मााण भारत में ही होना था। यूपीएसरकार के करार के मुताबिक 36 विमानों का बजट करीब 18940 करोड़ रुपए पड़ताहै। मगर मोदी सरकार ने राफेल को लेकर फ्रांस से लेकर जो समझौता किया हैउसका खुलासा नहीं किया जा रहा है।

उसे छिपाया जा रहा है। गौरव ने कहा किप्रधानमंत्री ने जिन 36 विमानों को लेकर फ्रांस की कंपनी से समझौता कियाहै, उसकी कीमत को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। इसके बारे में सभी कोबताना चाहिए। संयोग से यह बात सामने आ गई कि राफेल सौदे पर 60145 करोड़खर्च होंगे।

इसके अनुसार प्रति विमान सरकार को 1670.70 करोड़ रूपए देनेपड़ेंगे। गौरव गोगोई ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि भ्रष्टाचार कीमिसाल कायम हुई है और कांग्रेस पार्टी इस पर कतई चुप रहने वाली नहीं है। 

कांग्रेस ने इस मुद्दे को जनता के बिच उठाया है और मौजूदा केंद्र सरकार केचेहरे से एक-एक कर के नकाब उतारने का उनकी पार्टी ने मन बना लिया है। गौरवगोगोई ने आरोप लगाया कि देश की जनता को गुमराह कर उपरोक्त मुद्दे से भटकायाजा रहा है।