अल्फा (आई) के 13 सदस्यीय एक एक्शन-ग्रुप के असम में घुसने और आने वाले दिनों में कई बड़े विस्फोटों के मंसूबे की खुफिया जानकारी के बाद राज्य का पुलिस महकमा काफी चौकन्ना हो गया है। कहा गया है कि प्रतिबंधित संगठन का यह समूह गुवाहाटी और आसपास के इलाकों से लेकर नलबाड़ी तक चुनिंदा जगहों पर हमलों की ताक में है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक इस एक्शन ग्रुप की कमान अल्फा (आई) के प्रचार सचिव अरुणोदय देहोटिया के हाथों में है। जानकारियों के बाद राज्य के हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों, सरकारी संस्थानों और तमाम रणनीतिक महत्व के स्थानों पर चौबीसों घंटे सर्वाधिक सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई है।
बताया गया है कि अल्फा (आई) ने भारत-म्यांमार सीमा से सुरक्षा बलों का ध्यान हटाने के इरादे से सुरक्षा बलों का ध्यान हटाने के इरादे से नगर के अंदर कारों और बाइकों में आईईडी विस्फोटक फिट करने का खाका तैयार किया है। खुफिया सूत्रों से यह जानकारी भी मिली है कि अगले कुछ दिनों के भीतर प्रतिबंधित संगठन ऊपरी असम में विस्फोट की योजना बना रहा है। खुफिया जानकारियों में यह भी बताया गया है कि राज्य के कई बुद्धिजीवी, अधिवक्ता, विद्यार्थी, युवा, कलाकार और राजनीतिज्ञ अल्फा (आई) को किसी न किसी तरह सहयोग कर रहे हैं। सूत्रों ने कहा है कि संगठन अपने ओवर ग्राउंड सदस्यों का इस्तेमाल विभिन्न तरीकों से अपने अभियान को सफल बनाने के लिए जगहों की निशानदेही करा रहा है।

इस बीच इस्लामिक उग्रवादी संगठन के भी राज्य  में अपने मकसद को पूरा करने का मंसूबा विस्तारित करने की जानकारी सामने आई है। पाकिस्तानी खुफिया संस्था आईएसआई पोषित इस्लामिक उग्रवादी संगठन के साथ अल्फा (आई) के संबंधों की बात भी सामने आ चुकी है। हिन्दू-बंगाली और हिंदी बंगाली और हिंदी भाषी इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था खासतौर से बढ़ाई गई है। पूसी रेलवे को जीआरपी, आरपीएफ और स्थानी पुलिस के अलावा खुफिया संस्थानों एवं सुरक्षा एजेंसियों के साथ तालमेल बनाते हुए हर तरह के सुरक्षा प्रबंध करने को कहा गया है। पिछले पखवारे गुवाहाटी में सेंट्रल मॉल के सामने हुए विस्फोट की जिम्मेदारी अल्फा (आई) पहले ही ले चुका है। उक्त घटना में दो सुरक्षा जवानों  सहित 12  लोग घायल हुए थे।