यूपी पुलिस (UP Police)  अक्सर विवादों में नजर आती रहती है। कुछ पुलिस कर्मियों की कार्यशैली के चलते हमेशा विभाग पर सवाल उठते रहते हैं। ऐसा ही एक मामला यूपी के कानपुर से सामने आया है। यहां पुलिस को क्रूर चेहरा नजर आया। जिला अस्पताल में ओपीडी की तालाबंदी खुलवाने पहुंची पुलिस ने (Police crossed all limits of humanity) मानवता की सारी हदें पार कर दीं। अपनी मासूम बच्ची को हाथ मे लिए एक कर्मचारी को भी पुलिस ने लाठियों से पीट दिया। 

बच्ची को गोद में लिए पिता चिल्लाता रहा कि बच्ची को लग जाएगी, लेकिन बेरहम दारोगा उस पर लाठियां बरसाता रहा। इतना ही नहीं उसके हाथ से बच्ची को भी छीनने का प्रयास किया। मामले में वीडियो सामने आने के बाद एसपी ने सीओ से जांच कराने की बात कही है।

जिला अस्पताल में कर्मचारी नेता रजनीश शुक्ल की अगुवाई में कुछ मामलों को लेकर कर्मचारियों ने अचानक ओपीडी बंद कराकर काम ठप करके धरने पर बैठ गए थे। सीएमएस की सूचना पर अकबरपुर कोतवाल विनोद मिश्र मौके पर पुलिस बल के साथ पहुंचे। कर्मचारियों को गेट से हटाने के दौरान रजनीश शुक्ल कोतवाल से उलझ गए औऱ हाथापाई शुरू हो गई। इस पर पुलिस कर्मियों ने कर्मचारियों को पीटना शुरू कर दिया।

इसी बीच एक कर्मचारी अपनी बच्ची को गोद मे लिए था, एक दारोगा उस पर भी लाठी बरसाने लगे। एक सिपाही ने बेरहमी के साथ उससे बच्ची छीनने का भी प्रयास किया। इस मामले का वीडियो वायरल होने के बाद एसपी केशव चौधरी ने मामले की जांच सीओ से करा कर दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।