थेक्कडी वन्यजीव हाथी, बाघ और गौर जैसे पक्षी-जानवरों की विभिन्न प्रजातियों के संरक्षण के लिए पेरियार एक प्रसिद्ध जगह है। 

इसी के साथ यहां की प्राकृतिक खूबसूरती दुनियाभर के लोगों को अपनी तरफ खींचती है। केरल के सबसे अच्छे वन्य जीवन को देखने के लिए थेक्कडी झील में नाव का सफर करना जरूरी है। आप कुछ और ज्यादा एडवेंचरस करना चाहते हैं, तो आप गवी से होते हुए थेक्कडी से मोझीयार जा सकते हैं।

थेक्कडी एक जंगल में वन्य पर्यटक स्थल बन गया है। केरल सरकार ने जब मुल्लापेरियार बांध का निर्माण किया तो इस थेक्कडी झील का निर्माण हुआ। केरल सरकार ने बढिया उपयोग किया। बांध बनाया उससे बिजली बनेगी और साथ में बनी झील को पर्यटक स्थल बना दिया। 

पर्यटक स्थल बनाने के लिये यहां पर बढिया और बडी दो मंजिला नावे चलाई जाती हैं। इन नावो में भी भेद है। असल में यहां पर एक तो वन विभाग नावो का संचालन करता है और एक केरल सरकार का पर्यटन विभाग।

एक का टिकट तो 250 रू प्रति आदमी का है और एक का था केवल 80 रू का। यहां की नावें एक निश्चित समय पर छूटती हैं और वो एक एक घंटे के अंतर पर है। फायदा उस नाव में जाने में होता है जो सबसे सुबह चलती है क्योंकि अगर आप गर्मियो में वहां पर जा रहे हैं तो गर्मियो में जानवर सुबह सुबह ही झील में पानी पीने आते हैं।