रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी के चलते कोरोना मरीज दम तोड़ रहे हैं। तो वहीं, रेमडेसिविर की कालाबाजारी की खबरें भी लगातार सामने आ रही है। इस बीच उत्तर प्रदेश के नोएडा जिले से दिल को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक मां रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए सीएमओ के पैर पकड़कर उनसे मिन्नतें कर रही थी। मगर सिस्टम की निष्ठुरता ने उस अभागी मां से उसके 24 साल के बेटे को छीन लिया।

खबर के मुताबिक, खोड़ा कॉलोनी की रहने वाली रिंकी देवी का इकलौता बेटा कोरोना पॉजिटिव हो गया था। जिसे नोएडा सेक्टर 51 स्थित अस्पताल में इलाज चल रहा था। अस्पताल के डॉक्टरों ने रिंकी देवी को रेमडेसिविर इंजेक्शन लाने के लिए कहा गया। तभी उन्होंने किसी ने बताया कि रेमडेसिविर इंजेक्शन सेक्टर 39 के सीएमओ दफ्तर से मिलेग। बेटे की जान बचाने और रेमडेसिविर इंजेक्शन लाने के लिए वो भागी भागी सीएमओ दफ्तर की दहलीज पर पहुंच गई।

काफी देर तक भटकने के बाद उसका सामना सीएमओ डॉक्टर दीपक ओहरी से हो गया। सीएमओ को देखते ही रिंकी देवी उनके पैरों में गिर गईं और बेटे की जिंदगी बचाने की फरियाद करते हुए इंजेक्शन की मांग करने लगीं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने उनका पर्चा तो लिया, लेकिन रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी की बात कहकर मदद करने से इनकार कर दिया। इस दौरान किसी ने इसका वीडियो बनाकर ट्विटर और फेसबुक पर वायरल कर दिया, जिसके बाद वीडियो वायरल हो गया।

खबर के मुताबिक, रिंकी देवी रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए सीएमओ ऑफिस के बाहर इंतजार करती रही, लेकिन उससे इंजेक्शन नहीं मिल सका। हारकर वो शाम करीब 4:30 बजे जब सेक्टर-51 स्थित अस्पताल पहुंची तब तक काफी देर हो चुकी थी। उससे इकलौते बेटे की सांसों की डोर टूट चुकी थी।