विकास के लिए पूर्वोत्तर राज्यों के मॉडल को लागू करने करने के मद्देनजर पूर्वोत्तर राज्यों के मंत्रियों की एक टीम जम्मू-कश्मीर के दौरे पर जाएगी। पूर्वोत्तर राज्य विकास मंत्री जितेंद्र सिंह ने बुधवार को यहां कहा, 'हमने पूर्वोत्तर राज्यों के मंत्रियों की एक टीम जम्मू-कश्मीर भेजी है। यह टीम गुरुवार को जम्मू-कश्मीर का दौरा करेगी।'


यह टीम राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का अध्ययन करेगी और यह विश्लेषण करेगी कि उस क्षेत्र का विकास किस तरह के किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के राज्यों और जम्मू-कश्मीर भौगोलिक और बागवानी जैसी प्राकृतिक सुविधाओं में भी समानता है। उन्होंने कहा, 'अब जम्मू-कश्मीर में विकास के लिए पूर्वोत्तर राज्यों के मॉडल को अपनाया जाएगा। नरेंद्र मोदी सरकार इस ओर ध्यान केंद्रित कर रही है। जम्मू-कश्मीर संविधान के अनुच्छेद 370 के कारण देश के अन्य हिस्सों में मिलने वाली सुविधाओं से वंचित रहा है, लेकिन अब इस राज्य के लोग उन सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।'


सिंह ने कहा कि लद्दाख को जानबूझकर देश के अन्य हिस्सों में मिलने वाली सुविधाओं से वंचित रखा गया लेकिन अब इस केंद्र शासित प्रदेश के लोगों को भी सारी सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को समाप्त करने के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 371 के तहत पूर्वोत्तर के राज्यों को मिलने वाली सुविधाएं समाप्त नहीं की जाएंगी।


उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 को समाप्त करना इसलिए जरूरी था क्योंकि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा था।