अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की जिंदगी बचाने वाले साहसी और वीर 18 बच्चों को इस साल के वीरता पुरस्कार से नवाजा जाएगा। वर्ष 2017 के राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार पाने वालों में 11 लड़के और और सात लड़कियां शामिल हैं। इन्हीं में शामिल है मेघालय के 14 साल बेस्टहुवाजोंग लिंग्दोह। 

मेघालय के 14 साल के इस बच्चे को इस गणतंत्र दिवस को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से नर्इ दिल्ली में प्रधानमंत्री के द्वारा सम्मानित किया जायेगा। 14 साल का बेस्टहुवाजोंग लिंग्दोह मेघालय के पश्चिम खासी हिल्स के एक छोटे से गांव का रहने वाला है। बेस्टहुवाजोंग लिंग्दोह ने अपनी छोटी से उम्र में एेसा काम किया है कि सबके लिए एक मिसाल बन गया है। अपनी छोटी से उम्र में साहस दिखाते हुए इस बच्चे ने अपने छोटे भार्इ आर्बियस लिंग्दोह की जान बचार्इ है।

हुआ यूं कि दोपहर में 12:30 बजे के करीब दोनों भार्इ आग पर शकरकंद पका रहे थे कि तभी आग चारो आेर फैल गर्इ। चारो तरफ आग फैलने के बाद दोनों बच्चे घर से बाहर भागे लेकिन तीन साल का बेस्टहुवाजोंग का छोटा भार्इ दोबारा घर के अंदर चला गया। तब तक आग पूरे घर में फैल चुकी थी। तभी समय को गवाएं बिना बेस्टहुवाजोंग अपने छोटे भार्इ काे बचाने के लिए आग में कूद गया। 

 

उस समय उसकी मां मकडालिन पास के ही गली में कपड़े घुलने के लिए गर्इ थी। उसकी मां जब वापस आती तब तक बेस्टहुवाजोंग ने अपने छोटे को आग से बाहर निकाल लिया था । इसके बाद जब तक उसके पड़ोसी उन दोनों की मदद के लिए आते दोनों बुरी तरह से घायल हो चुके थे। इस अवार्ड के बारें में जब बेस्टहुवाजोंग से पूछा गया तो उसने बताया कि वह इस अवार्ड को लेकर बहुत खुश है क्योंकि उसने कभी नहीं सोचा था कि उसे ये सम्मान मिलेगा। जबकि उसके पापा माइरथांग का कहना है कि उन्हें इस बात की खुशी नहीं है कि उनके बेटे को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है बल्कि उन्हें इस बात की खुशी है कि उनके दोनों बेटे जिंदा है आैर इसके लिए मैं भगवान का शुक्रगुजार हूं।
इस घटना के बाद काठकोराम गांव के मुखिया जोसेफ खारमा ने गांव के बीडीआे, सीआरडीआे आैर सांसद से मुलाकात की आैर उनकी परिवार वालों की मदद करने काे कहा है। बता दें कि बेस्टहुवाजोंग के परिवार वालों के पास रहने के लिए घर तक नहीं है।