दिल्ली से मुंबई और दिल्ली से हावड़ा के बीच वर्ष 2024 तक रेलगाड़ियां 12 घंटे में पहुंच जाएंगी। अभी यहां मुंबई के लिए 15 घंटे और हावड़ा के लिए 17 घंटे लगते हैं। दरअसल, यहां ट्रेनों की रफतार बढ़ाने की योजना है। जिसे लंबे समय पहले मंजूरी दे दी थी लेकिन अब इस पर रेलवे ने अपनी कार्ययोजना तैयार कर ली है। जल्द ही जमीनी स्तर पर इसका काम शुरू हो जाएगा। इन दोनों ही रूट पर रेलवे रेलगाड़ियों की रफ्तार 160 किलोमीटर प्रतिघंटे करने जा रहा है। जिसके लिए ट्रैक व उसके आसपास कई बदलाव किए जाएंगे।

फिलहाल दिल्ली-हावड़ा रूट पर 85 किलोमीटर प्रतिघंटा और दिल्ली से मुंबई रूट पर 130 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेन दौंड़ती हैं।जानकारी के मुताबिक दिल्ली- मुंबई रूट पर करीब 1380 किलोमीटर के ट्रैक के दोनों तरफ फेंसिंग की जाएगी। दिल्ली-हावड़ा रूट पर करीब 1490 किलोमीटर लंबे ट्रैक के दोनों ओर फेंसिंग की जाएगी। इससे दिल्ली से बिहार, झारखंड और कोलकता आवाजाही करने वाले बढ़ी संख्या में लोगों को फायदा मिलेगा।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक फेसिंग तेज गति से चल रही ट्रेन के ट्रैक पर किसी काे आने से रोकेगी। इसके अलावा रूट पर मौजूद लेवल क्रासिंग को खत्म किया जाएगा। ट्रेनों को रफ्तार देने के लिए पूरे रूट पर बेहतर हैवी ट्रैक (पटरी) लगाई जाएगी। इसके साथ ही ट्रेन के ऊपर बिजली के तारों यानि ओएचई को भी बदला जाएगा। तेज़ रफतार रेलगाड़ियों की सुरक्षा के लिए आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। ट्रैक की जांच और मरम्मत के लिए आधुनिक ऑटोमेटिक मशीनों और कैमरों का इस्तेमाल इस्तेमाल किया जाएगा।

सिग्लनिंग और टेलिकॉम के लिए रेडियो फ्रिक्वेंसी का इस्तेमाल किया जाएगा। रेलवे ने इस दोनों रूट पर अलग-अलग मद में सिविक काम के लिए करीब 5500 करोड़, इलेक्ट्रिकल काम के लिए करीब 5300 करोड़। सिग्नलिंग और टेलिकॉम से जुड़े काम के लिए करीब 2000 करोड़ और मेकेनिकल वर्क के लिए करीब 625 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान लगाया है। उम्मीद की जा रही है कि इस काम को वर्ष 2024 तक पूरा कर लिया जाएगा।