सोरों में रविवार को नागा साधुओं की शाही सवारी निकाली गई। देश भर से आए नागा साधुओं ने हैरतअंगेज करतब दिखाकर लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया। शाही सवारी देखने के लिए कस्बा के अलावा आसपास के गांव से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

हरिपदी गंगा घाट स्थित शंभू पंचनाम अखाड़ा नागालैंड से नागाओं की शाही सवारी शुरू हुई। सवारी मुहल्ला चक्रतीर्थ, बारू बाजार, चौंसठ, तिराहाना, हनुमान गढ़ी, मुहल्ला बड़ा बाजार, कायस्थान, रामसिंहपुरा, लहरा रोड, रामलाल चौराहा, अनाज मंडी, चंदन चौक, सोमेश्वर घाट तुलसी नगर बदिरया होती हुई हरिपदी गंगा स्थित नागालैंड आश्रम पर संपन्न हुई। नागाओं की शाही सवारी पर श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा की। शाही सवारी में उत्तराखंड, बजीरगंज, अलीगढ़, आगरा, चंदौसी, मध्य प्रदेश, राजस्थान के नागाओं ने भाग लिया। शाही सवारी अखाड़े के महंत सुरेश गिरि के नेतृत्व मे निकाली गई।

नागालैंड अखाड़े के महंत सुरेश गिरि बताते हैं कि 24 वर्ष पूर्व सोरों के ब्रह्मलीन नागा साधू महंत सेवागिरि ने देश भर के नागा साधुओं को एक मंच पर लाने और तीर्थ नगरी में हर वर्ष मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष मे शाही सवारी और स्नान की परंपरा डाली। तब से इस परंपरा का निर्वहन हो रहा है। इस वर्ष यह 23वीं शाही यात्रा है।

शाही सवारी के बाद नागा साधुओं ने हरिपदी गंगा में स्नान किया। स्नान के बाद नागा साधुओं ने स्वर्गीय नागा काशी गिरि महाराज की समाधि पर पहुंचकर चिलम चढ़ाने की परंपरा का निर्वहन किया। इसके बाद प्रसाद वितरित किया गया।