देश के कई हिस्सों में मानसून दस्तक दे चुका है। कई राज्यों में झमाझम बारिश हो रही है। कोरोना काल के साथ साथ मानसून में मलेरिया और डेंगू का खतरा बढ़ता नजर आ रहा है।
मानसून में हर कोई अपने स्वास्थ्य को लेकर सतर्क हो जाता है, लेकिन कोरोना के कारण अलर्ट मोड पर रहना जरूरी हैं। इन हालातों में अपने आप को सुरक्षित रखने के कई तरीके आजमा सकता है। बारिश मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ा देती है।


जैसे कि हम जानते हैं कि बारिश में फंगस, भोजन और पानी से फैलने वाली बीमारियां और दूसरे स्किन इंफेक्शन का खतरा बना रहता है। ऐसे में कोविड संबंधी व्यवहार के साथ-साथ जल्द से जल्द वैक्सीन लगवाएं और सफाई का खास ध्यान रखें। मच्छरों से बचने के लिए जालियां, मच्छरदानी जैसे उपाय करें। खिड़कियों और दरवाजों को मेश से बंद करना जरूरी है. आसपास सफाई रखें और पानी जमा ना होने दें।

बारिश में पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और ज्यादा से ज्यादा शरीर ढंकने की कोशिश करें। अगर शरीर का कोई अंग खुला है, तो वहां मॉस्क्यूटो रेपेलेंट लगाएं। अपने साथ एक्स्ट्रा मास्क रखें, क्योंकि अगर आप भीग गए, तो गीला मास्क जर्म्स से सुरक्षा नहीं दे पाएगा। पैरों को साफ और सूखा रखें और मानसून के दौरान फंगल इंफेक्शन से बचें। कोविड-19 और सीजनल फ्लू के लक्षणों में बुखार होना या बुखार जैसा महसूस होना, ठंड लगना, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, थकान, गले में खराश, बहती या भरी हुई नाक, मांसपेशियों में दर्द या शरीर में दर्द और सिरदर्द शामिल हैं।