टिहू । असम के स्थाई यानी खिलंजिया लोगों के अधिकार सुरक्षित करने पड़ेगे । विशेषकर खिलंजिया लोगों के जमीन और राजनीतिक अधिकार को सुरक्षित करना ही पड़ेगा । ये बातें अल्फा के अध्यक्ष अरविंद राजखोवा ने कही ।

टिहु के निकटवर्ती नखका गांव स्थित अल्फा के नवनिर्मित केंद्र में 27वां शहीद दिवस पर भाग लेते हुए अध्यक्ष राजखोवा ने कहा कि सरकार व अल्फा के बीच गत सात वर्षों से चलते आ रही  बातचीत सकारात्मक दिशा से बहुत आगे बढ़ चुकी हैं। साथ ही उन्होंने जल्द ही बातचीत को पूरी करने के लिए केंद्रीय सरकार से आह्वान किया है । 

इस अवसर पर उन्होंने कई असम विरोध चक्र ने बातचीत को बाधा बनने की  कोशिस के बारे  में महत्वपूर्ण बात का उल्लेख किया । इसलिए उन्होंने असम के इस तरह की संग्राम में बाधा बनने वाले लोगों  के विरोध में असम के खिलंजिया लोगों  ने तैयार रहने के बारे  में भी उल्लेख किया । अध्यक्ष राजखोवा ने नागरिक संसोधन विधेयक कानून 2016 का तेज विरोध किया और लोगों  के भाषा-संस्कृति के लिए खतरा बताया है। 

अल्फा के शहीद दिवस कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न प्रांतो से तीन सौ से भी अधिक सदस्य एवं उनके परिवार वालों ने भाग लिया । सुबह 9 बजे से शुरु हुआ शहीद दिवस के विभिन्न कार्यक्रमों में अल्फा के अध्यक्ष के साथ उपाध्यक्ष प्रदीप गोगोई उप सेनाध्यक्ष राजु बरुवा , सचिव अनुप चेतिया, वैदेशिक सचिव शश चौधरी आदि कई उच्च नेता उपस्थित थे । कार्यक्रम में कई शहीद परिवार वालों  को सम्मानित भी किया गया ।