असम सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि राज्य के सही लोगों को नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस(एनआरसी) में ामिल किया जाए। राज्य के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने शनिवार को यह बात कही।

मुख्यमंत्री सोनोवाल ने आश्वासन दिया कि सही नागरिकों को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। चरईदियो जिले में एक मीटिंग के दौरान सोनोवाल ने कहा कि एनआरसी अपडेशन की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक की जा रही है।

कुछ ताकतें लोगों के बीच डर और कन्फ्यूजन क्रिएट करने की कोशिशें कर रही है। नागालैंड फ्रेमवर्क एग्रीमेंट का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री सोनोवाल ने कहा कि राज्य के नक्शे को किसी भी कीमत पर बदला नहीं जाएगा और क्षेत्रीय अखंडता को सभी परिस्थितियों में प्रोटेक्ट किया जाएगा।

उन्होंने लोगों को सभी विभाजनकारी ताकतों के खिलाफ एकजुट होने व भाईचारे व एकता को मजबूत करने की अपील की। सोनोवाल का यह बयान इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण है क्योंकि कई नागरिक समूहों ने भारत सरकार और एनएससीएन(आईएम) के बीच फ्रेमवर्क एग्रीमेंट को लेकर आशंकाएं जाहिर की है।

सोनोवाल ने कहा कि राज्य सरकार समान विकास सुुुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है। राज्य सरकार संविधान के सिद्धांतों के आधार पर राजधर्म निभाने के  प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने असम को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए असम के लोगों को संगठित प्रयास करने को कहा। साथ ही मुख्यमंत्री ने उन लोगों से भी संयुक्त कोशिशें करने को कहा जो कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका में हैं।

सोनारी में जनसभा में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सोनोवाल ने कहा कि नवगठित चरईदियो जिला सरकार की प्रायोरिटी लिस्ट में था था और राज्य सरकार इसके बुनियादी ढांच के विकास के लिए कई कदम उठा रही थी। राज्य को प्रदूषण, भ्रष्टाचार, आतंकवाद व इमिग्रेशन के आतंक से मुक्त करने के लिए उनकी सरकार के चार सूत्रीय ऑब्जेक्टिव को रेखांकित करते हुए सोनोवाल ने कहा कि भ्रष्टाचार को पूरी तरह से कुचलने के लिए उनकी सरकार का इसके खिलाफ ऑपरेशन जारी रहेगा ताकि राज्य के लोगों को सम्मानजक जीवन मुहैया कराया जा सके।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पूर्वोत्तर को देश की ग्रोथ के इंजन के रूप में बदलने पर जोर देने को याद करते हुए मुख्यमंत्री सोनोवाल ने कहा कि उनकी सरकार एक्ट ईस्ट पॉलिसी से रिच डिविडेंड को पाने के लिए दृढ़ता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कुशल मानव संशाधनों के विकास के लिए राज्य सरकार राज्य के प्रत्येक गांव में कौशल विकास केन्द्र स्थापित करेगी।