देश के सबसे अमीर मंदिर तिरुपति बालाजी मंदिर ने मोदी सरकार की एक स्कीम का फायदा उठाकर ब्याज के रूप में 70 किलो सोना कमाया है। दरअसल, तिरुपति बालाजी मंदिर ने 2016 में सरकार की गोल्‍ड मोनेटाइजेशन स्‍कीम (Gold Monetisation Scheme) के तहत पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में 1311 किलो सोना जमा किया था। तीन साल बाद मंदिर को गोल्‍ड मोनेटाइजेशन स्‍कीम में बैंक में सोना रखने पर 70 किलो अतिरिक्‍त सोना ब्‍याज के तौर पर मिला।


तिरुपति मंदिर के पास है 9,259 किलो सोना

आंध्रप्रदेश के तिरुपति स्थित दुनिया में हिंदुओं के सबसे धनी मंदिर के पास 9,259 किलो से ज्यादा सोना है। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) संस्था ने मंदिर का 5,387 किलो सोना SBI और 1,938 किलो सोना Indian Overseas Bank की गोल्ड डिपॉजिट स्कीम में जमा है।


क्या है गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम
गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के तहत आप अपना सोना बैंक में जमा कर सकते हैं। इस पर आपको बैंक ब्याज देंगे। इस स्कीम की खास बात यह भी है कि पहले आप अपने सोने को लॉकर में रखते थे। लेकिन अब आपको लॉकर लेने की जरूरत नहीं हैं और निश्चित ब्याज भी मिलता है। स्कीम के तहत इसमें कम से कम 30 ग्राम 995 शुद्धता वाला सोना बैंक में रखना होगा। इसमें बैंक गोल्ड-बार, सिक्के, गहने (स्टोन्स रहित और अन्य मेटल रहित) मंजूर करेंगे।


2015 में शुरू हुई थी स्कीम
मोदी सरकार ने गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम वर्ष 2015 में शुरू की थी। इसका मकसद घरों और संस्थानों (ट्रस्ट) में रखे सोने को बाहर लाना और उसका बेहतर उपयोग करना है। शॉर्ट टर्म का अर्थ 1 से 3 साल, मिड टर्म में 5 से 7 साल के लिये और लॉन्ग टर्म के लिए 12 साल के लिए सोना जमा किया जा सकता है।


2.5 फीसदी तक मिलता है ब्याज
इसके अलावा अन्य अवधि (1 साल 3 महीने, 2 साल 4 महीने 5 दिन आदि) के लिए भी सोना जमा किया जा सकता है। योजना बैंक ग्राहकों को निष्क्रिय पड़े सोने को निश्चित अवधि के लिये जमा करने की अनुमति देती है। इस पर ब्याज 2.25 से 2.50 फीसदी है।


ब्‍याज में सोना या नकद दोनों विकल्‍प
ब्‍याज के रूप में आप सोना या फिर नकद कुछ भी ले सकते हैं। ब्‍याज से होने वाली आय पर कोई कर नहीं लगेगा। उदाहरण के तौर पर यदि कोई ग्राहक शॉर्ट टर्म के लिए 100 ग्राम सोना बैंक में जमा करता है और उसे 1 प्रतिशत ब्याज मिलता है तो परिपक्वता पर उसके खाते में 101 ग्राम सोना होगा।