जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी सह मुख्यमंत्री रघुवर दास के विरुद्ध चुनाव में खड़े हुए सरयू राय अभी भी कैबिनेट मंत्री हैं। मुख्यमंत्री ने अब तक सरयू राय के इस्तीफे को स्वीकार करने की अनुशंसा नहीं की है। ऐसे में राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने सरयू राय के इस्तीफे पर मुहर नहीं लगाई है।


जमशेदपुर पश्चिमी से भाजपा से टिकट नहीं दिए जाने के कारण सरयू ने जमशेदपुर पूर्वी से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन किया था। इससे पूर्व उन्होंने कैबिनेट मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था। उन्हाेंने विधायकी से भी इस्तीफे का पत्र स्पीकर और राज्यपाल को भेजा था। नियम के अनुसार इस्तीफा स्वीकार करने का अधिकार स्पीकर को है, लेकिन स्पीकर ने भी इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है।


जानकाराें के अनुसार, डाक, मेल या फैक्स से भेजे गए इस्तीफे को स्पीकर स्वीकार करने की स्थिति में नहीं है। सरयू राय के करीबियाें ने बताया कि वे 12 दिसंबर काे रांची आएंगे। स्पीकर और राज्यपाल से मिल कर औपचारिक रूप से इस्तीफा स्वीकार करने का आग्रह करेंगे। इधर, आजसू कोटे से रघुवर सरकार में मंत्री बने रामचंद्र सहिस ने भी अब तक मंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया है। वे जुगसलाई विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। इस सीट पर भाजपा ने भी प्रत्याशी खड़ा किया है। भाजपा-आजसू गठबंधन टूटने के बाद भी रामचंद्र सहिस मंत्री पद  पर बने हुए हैं।