गुवाहाटी । बहुचर्चित श्वेत्ता हत्याकांड में पुलिस भले ही आखिरी बिंदू तक नहीं पहुंच पाई हो, लेकिन इस मामले में एक नया खुलासा हुआ है, जो यह सोचने को मजबूर कर रहा है कि कहीं गोविन्द सिंघल का प्यार स्वीकार न करने के चलते ही तो मासूम श्वेता को जान नहीं गई । इस मामले में यह नया मोड़ पुलिस को श्वेता के बैग से बरामद गोविद को तरफ से उसे लिखे गए प्रेम पत्रों के आधार पर आया है । 

पुलिस ने बताया है कि इन प्रेम पत्रों में हत्यारे गोविंद ने श्वेता को उसका प्रेम प्रस्ताव स्वीकार न करने पर आगे उसके परिणाम गम्भीर होने की धमकियां दी गई थी । हालांकि अब तक यह बात ही सामने आ रही थी कि घटना वाले दिन श्वेता ने गोविंद पर शादी के लिए दबाव बनाया था जिसे  हत्यारे गोविंद ने नकार दिया था । लेकिन पुलिस की प्रेम पत्रों की इस ताजा बरामदगी ने मामले को वाकई में एक नया मोड़ दे दिया है ।

पुलिस के मुताबिक पत्र में लिखा गया है कि कि क्या तुम्हें (श्वेता को) मेरा (गोविंद का) प्रस्ताव स्वीकार है या नहीं । पत्र में श्वेता से स्थिति को जल्द से जल्द स्पष्ट करने की बात भी लिखी गई है। उल्लेखनीय है कि पूरी  घटना के करीबी अध्ययन के लिए भरलू पुलिस हत्यारे गोविंद को  उसके घर ले गई और पूरी घटना को काल्पनिक पुनरावृति कराई गई । 

पुलिस के मुताबिक इस दौरान गोविंद ने पुलिस को हत्या की घटना का विस्तारपूर्वक विवरण दिया । गोविंद ने यह भी बताया कि घटना से पहले उसकी श्वेता के साथ कहासुनी हुई जो तेज होती चली गई । गोविन्द के मुताबिक हालांकि वह इसे टालना चाहता था और इसे लगातार नजरअंदाज करने की कोशिश कर रहा था । 

चूंकि श्वेता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट गोविंद सिंघल के इस खुलासे कि वह कहासुनी के चलते बात बिगड़ने से रोकना चाहता था, पर सवालिया निशान खड़े कर रही है । रिपोर्ट के मुताबिक श्वेता की गर्दन पर तेज धार वाले हथियार से कटने के निशान पाए गए हैं । वैसे इसके बाद भी पुलिस अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और वह अभी भी हत्या को मूल वजहों को सामने लाने के लिए जाँच में जुटी हुई है ।