मेघालय की कोनराड संगमा सरकार ने मेघालय की सत्ता हासिल करते ही वादों की बौछार तो कर दी लेकिन ये वादे पूरे कैसे होंगे यह सबसे बड़ा सवाल है। उन्होंने हाॅकर्स आैर स्ट्रीट वेंडर्स को शहर में हाॅकर्स जोन बनाने का वादा किया। लेकिन सवाल यह है कि यह बनेगा कैसे? क्योंकि शहर की हालत एेसी है कि शहर में बढ़ती आबादी आैर ट्रैफिक व्यवस्था को संभालना मुश्किल हो रहा है।

वहीं दूसरी आेर मुख्यमंत्री ने राज्य के रानीकोर इलाके को सिविल सब डिविजन बनाने का वादा तो कर कर दिया आैर इस वादे पर कांग्रेस के एक विधायक एमएम डांग्गो पार्टी छोड़कर एनपीपी के साथ जुड़ तो गए लेकिन  कोनराड के द्वारा रानीकोर में सब डिविजन बनाने की खबर जैसे ही राज्य में फैली वैसे ही सभी जिलों में सिविल सब डिविजन बनाने की मांग उठने लगी। सबसे बड़ी बात तो यह है कि कोनराड ने सभी के प्रस्ताव भी स्वीकार कर लिए। अब सवाल यह है कि अब राज्य में कितने सिविल सब डिविजन बनेंगे अौर कैसे?

आपको बता दें कि राज्य के मुख्यमंत्री कोनराड सभी को खुश करने की कोशिश तो कर रहे है लेकिन क्या वाकर्इ में काेनराड ये वादे पूरे कर पाएंगे या ये वादे केवल वादे बनकर ही रह जाएंगे।
 

बात करें पूर्व मुख्यमंत्री की तो कुछ वादे राज्य में उन्होंने भी किए थे, लेकिन वादाे को वह पूरा कर पाते इससे पहले सरकार गिर गर्इ। अब उन वादाे को पूरा करने की जिम्मेदारी कोनराड की है। मसलन अगर सरकार राज्य में अप्रवासियों की प्रवेश करने से पहले जांच करने के लिए तंत्र लागू करने में सफल नहीं होती है तो केएसयू ने कार्रवार्इ करने की धमकी दी है। 

पिछली सरकार के द्वारा प्रवेश आैर निकास बिंदुआें की स्थापना के किए गए वादे पर लोग अभी भी उम्मीद कर रहे हैं कि मौजूदा सरकार उसे लागू करेगी। अगर राज्य में एेसा नहीं होता है तो केएसयू अपने प्रवेश आैर निकास बिंदू लागू करेंगे। हालांकि लोग अभी भी उम्मीद कर रहे हैं कि मौजूदा सरकार इस संबंध में कुछ करेगी।

बता दें कि मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने दवाब समूहाें से वादा किया था कि तत्कालीन सरकार इनर लाइन परमिट की जगह एक मजबूत कानून बनाएगी। जो इनर लाइन परमिट से ज्यादा प्रभावशाली रहेगा। उन्होंने बाढ़ की जांच करने के लिए आर्इएलपी की शुरूआत के मसले पर एक  सलाहकार बैठक के लिए गैर सरकार संगठनों को आमंत्रित किया था। उस पर असहमति बनी थी। लेकिन इससे पहले की पूर्व सरकार तंत्र लागू करती सरकार गिर गर्इ।