गैर-जनजातियों के लिए संपूर्ण ट्रेडिंग लाइसेंस प्रणाली को डिजिटल बनाने की प्रक्रिया में लगभग एक महीने का समय लग सकता है। पाल लिंग्दोह ने व्यापार के कार्यकारी सदस्य (ईएम) को यह जानकागैर-जनजातियों के लिए संपूर्ण ट्रेडिंग लाइसेंस प्रणाली को डिजिटल बनाने की प्रक्रिया में लगभग एक महीने का समय लग सकता है।री देते हुए कहा कि पूरी प्रणाली को डिजिटल बनाने के लिए प्रक्रिया जारी है। एक बार डिजिटलीकरण हो जाने के बाद व्यापारी परिषद में आएंगे फॉर्म भरेंगे और थोड़े समय के भीतर योग्यता के आधार पर उनके लाइसेंस को मंजूरी दे दी जाएगी या खारिज कर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि परिषद ताजा लाइसेंस के सभी मामलों और जिन्हें नवीनीकरण की आवश्यकता है, के लिए व्यापार लाइसेंस शुल्क संरचना बढ़ा रही है। लिंग्दोह ने मुताबिक दो सप्ताह लगेंगे। सूत्रों के मुताबिक यह पता चला है कि अब तक लगभग 5000 गैर-जनजातीय लोग दुकानें चला रहे हैं और उनमें से काफी संख्या में लाइसेंसिंग प्रणाली के तहत नहीं आती हैं।
एक बार डिजिटलीकरण हो जाने के बाद किसी भी दुकाने में किसी भी समूह से छेड़छाड़ का सवाल नहीं उठेगा। उल्लेखनीय है कि राज्य में कई दबाव समूह खासी हिल्स स्वायत्त जिला परिषद (केएचएडीसी) को गैर-जनजातियों को व्यापार लाइसेंस जारी करने पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।