नई दिल्ली पब्लिक सेक्टर की कंपनी सीआईएल  ने कोयला आयात करने के लिए पहला टेंडर जारी कर दिया है। कंपनी ने गुरुवार को कहा कि उसने देश में बिजली प्लांटों को ईंधन की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 2.416 मिलियन टन कोयले के आयात के लिए अपना पहला टेंडर जारी किया है। अप्रैल में फॉसिल फ्यूल की कमी के कारण हुई बिजली कटौती की पुनरावृत्ति से बचने के लिए सरकार द्वारा कोयले का स्टॉक बनाए रखने के मद्देनजर यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

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कंपनी ने एक बयान में बताया कि पहली बार कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने बुधवार को एक अंतरराष्ट्रीय कंपटेटिव बिडिंग ई-टेंडर जारी किया है, जिसमें 2.416 मिलियन टन (एमटी) कोयले के आयात के लिए बोलियां मांगी लगाई जाएंगी। 

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बयान में कहा गया है कि यह आयात चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर अवधि के लिए है। हालांकि, कोयले का आयात सीआईएल के लिए एक बहुत नया टास्क है, लेकिन कुल 2.41.6 एमटी कोयले के लिए सात राज्य जेनको और 19 आईपीपी से मांगपत्र प्राप्त करने के एक सप्ताह के भीतर ही कंपनी ने युद्ध स्तर पर टेंडर को अंतिम रूप देते हुए इसे जारी किया है।

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कंपनी के बोर्ड ने पिछले हफ्ते पब्लिक सेक्टर की यूनिट विदेशों से कोयले की सोर्सिंग के लिए दो अंतरराष्ट्रीय टेंडर (एक अल्पकालिक और एक मध्यम अवधि) जारी करने के लिए आगे बढ़ने के लिए अपनी मंजूरी दे दी थी। इसके लिए बोली प्राप्त करने की अंतिम तिथि 29 जून है। सीआईएल ने कहा कि टेंडर की किसी भी बारीकियों पर स्पष्टीकरण मांगने के लिए 14 जून को प्री-बिड मीटिंग का ऑप्शन दिया जाएगा।

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आपको बता दें कि अप्रैल में देश के कई हिस्सों में कोयले की कमी के कारण बिजली गुल हो गई थी, जिसके बाद सरकार ने इसके पहले सीआईएल को अगले 13 महीनों के लिए बिजली उपयोगिताओं के लिए 1.2 करोड़ टन कोयला आयात करने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया था।