अपने काम से अलग हर इंसान में एक जुनून होता है, जो उसे जीवन जीने के नए तरीकों से रूबरू कराता है। शौकिया तौर पर किए जाने वाले ये काम हमारी समाज में एक अलग छवि स्थापित करते हैं। ऐसे ही एक शख्स हैं तरनजीत सिंह, जिनका शौक बेहद जुदा है। राजस्थान के बेटे को बाइक राइडिंग का शौक है।

तरनजीत सिंह मूल रूप से श्रीगंगानगर के रहने वाले हैं और फिलहाल जयपुर में अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। जॉब करने के साथ ही फ्री टाइम में उन्हें अपनी रॉयल एनफील्ड से राइडिंग करने का काफी शौक है। यह जुनून उन पर इस कदर है कि बिना मोटर साइकिल रोके तरनजीत सिंह 17 घंटे का सफर तय कर चुके हैं। रोड सेफ्टी वीक मनाने के चलते उन्होंने कई बातें हमें बताई हैं।  

आइए, देखते हैं कि कैसे अपने जुनून को पूरा करते हैं राइडिंग के ये हुनरबाज:

लगातार 17 घंटों में से 12 घंटे चलाई बारिश में बाइक

कई लोग मुझसे पूछते हैं कि आपने क्लासिक, इलेक्ट्रा या अन्य कोई बाइक क्यों नहीं खरीदी, तो मेरा जवाब हमेशा यही रहता है कि रियल बुलेट ही स्टैंडर्ड है और इसे चलाने में जो मजा है, वो मुझे किसी और बाइक में नहीं मिलता। मैं अपनी बाइक से बहुत प्यार करता हूँ। इसने मुझे कभी निराश नहीं किया है। मैंने इसे बिना इग्निशन ऑफ किए 650 किमी चलाया है, वह भी बिना किसी टी या लंच ब्रेक के। मैं इस राइड के दौरान श्रीनगर गढ़वाल, उत्तराखंड से सीधे जयपुर आया था। इस राइड में मुझे 17 घंटे लगे थे। एक बात, जो इन सबसे अलग है, वह यह है कि इन 17 घंटों में 12 घंटे मैंने बारिश में बाइक चलाई थी। यह मेरे राइडिंग के सफर का सबसे बेहतरीन अनुभव है। 

मौजूदा समय में चला रहे हैं रॉयल एनफील्ड स्टैंडर्ड 350

रॉयल एनफील्ड को लेकर मेरा अनुभव बहुत ही खास रहा है, और हाल-फिलहाल में मेरे पास रॉयल एनफील्ड स्टैंडर्ड 350 है। मोटरसाइकिल चलाने का मुझे काफी लम्बे समय से शौक है, और पंजाबियों की पहली पसंद रॉयल एनफील्ड होती है। इस प्रकार, एक पंजाबी होने के नाते मुझे इस बाइक से काफी लगाव है।

इन जगहों पर कर चुके हैं राइडिंग 

लद्दाख, जम्मू में श्रीनगर, हिमकुंड में बद्रीनाथ और आसपास के स्थानों में कोटा, आगरा, बीकानेर, चंडीगढ़ और शिमला आदि जगहों की खूबसूरती का आनंद मैंने राइडिंग के माध्यम से लिया है।

लॉन्ग राइड पर जाते समय बरतते हैं सावधानियाँ 

लॉन्ग राइड पर जाते समय मैं हमेशा ही सेफ्टी का बारीकी से ध्यान रखता हूँ। जैकेट, पेंट, शूज़, ग्लव्स आदि पहनना कभी नहीं भूलता हूँ। साथ ही मैं सभी राइडर्स से भी यही दरखास्त करता हूँ कि जो लोग साइड मिरर्स नहीं लगाते हैं, भले ही आप शहर आदि में न लगाएँ, लेकिन हाईवेज़ में साइड मिरर्स बेहद आवश्यक होते हैं, अतः इनका उपयोग जरूर करें।

पागल नाले में करना पड़ा था चुनौती का सामना 

जब मैं लद्दाख राइडिंग पर गया था, तो उस दौरान एक बहुत बड़ी मुसीबत का मैंने सामना किया। दरअसल यहाँ एक क्रॉसिंग आती है, जिसका नाम है पागल नाला। इसे पार करने के दौरान मेरी रॉयल एनफील्ड आधी पानी में डूब चुकी थी, लेकिन मैंने इसका एक्सेलरेशन बंद नहीं किया और आखिरकार नाला क्रॉस हो गया। इस प्रकार मैं एक बहुत बड़ी मुसीबत से बच गया। साथ ही यह एहसास हुआ कि इसकी जगह कोई और मोटर साइकिल होती, तो उसमें पानी भर जाता और पानी में उतरने के बाद वह बंद हो जाती। उसके बाद क्या होता, कह नहीं सकते थे। रॉयल एनफील्ड ने मेरा बहुत साथ दिया और इस चुनौती को मैं चुटकियों में पार कर गया। 

भविष्य में अपने राइडिंग के सफर को ले जाना चाहते हैं इन जगहों पर 

अब मेरी योजना दार्जिलिंग, गंगटोक, नेपाल में काठमांडू जैसी जगहों पर राइडिंग करने की है, जिसे मैं बनते कोशिश इसी वर्ष पूरी करूँगा।

महामारी के दौरान भी बरकरार रखा जुनून 

महामारी की पहली लहर के दौरान हमने जरूरतमंदों को राशन प्रदान किया था। वहीं दूसरी लहर के दौरान हमने ऑक्सीजन कन्संट्रेटर्स की व्यवस्था की। इस प्रकार, जब लॉकडाउन था, तब हमने मोटर साइकिल के माध्यम से ही लोगों को जरूरतों को पूरा किया। 

रोड सेफ्टी डे के लिए राइडर्स को देना चाहते हैं यह मैसेज 

राइडर्स को रोड सेफ्टी के लिए मैं यही मैसेज देना चाहता हूँ कि कई बार देखने में आता है, शहरों में बुलेट आदि को लोग रैश राइडिंग की तरह लेते हैं, यानी उसे स्पोर्ट्स बाइक की तरह चलाते हैं। उन्हें यह समझना होगा कि जान से बढ़कर इस दुनिया में कुछ भी नहीं है। इसलिए राइडिंग के दौरान सभी सेफ्टी गियर्स, विशेषकर हेलमेट जरूर पहनें और ट्रैफिक के सभी नियमों का पालन करें।