पूर्वोत्तर राज्य असम इन दिनों बाढ़ से बेहाल है। बरपेटा में एक और व्यक्ति की मौत के साथ ही मरने वालों की संख्या 82 तक पहुंच गयी है। राज्य में बाढ़ की स्थिति भयावह बनी हुई है। राज्य में 56 राजस्व अंचलों के 1716 गांवों में 21.68 लाख लोग बाढ़ का प्रकोप झेल रहे हैं।

 17 जिले बाढ़ की चपेट में 

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार बारपेटा के अलावा 17 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। ये जिले धेमाजी, सोनितपुर, डर्रांग, बक्सा, नालबारी, चिरांग, बोंगाईगांव, कोकराझार, धुबरी, ग्वालपारा, कामरूप, कामरूप (एम),मोरीगांव, नगांव, गोलाघाट, जोरहाट और कच्छार हैं। फिलहाल 12 जिलों में 615 राहत शिविरों में 99000 लोग ठहरे हुए हैं। प्राधिकरण के अनुसार पांच जिलों में 49 राहत वितरण केंद्र चल रहे हैं। कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

बिहार के 13 जिले बेहाल

बिहार के 13 जिलों के लोग बाढ़ की त्रासदी झेल रहे हैं, वहीं कमोबेश शेष जिलों के किसान सामान्य से कम बारिश होने के कारण परेशान हैं। बिहार की यह त्रासदी ही है कि एक तरफ राज्य का एक हिस्सा सामान्य बारिश को तरस रहा है और सूखे की स्थिति से बारिश की दुआ कर रहा है, वहीं दूसरी ओर नेपाल में हो रही बारिश से यहां के कई जिले बाढ़ से जलमग्न हैं। 

बिहार की कई नदियों में बाढ़ 

नेपाल के तराई क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण नेपाल से आने वाली नदियां उफान पर हैं। बिहार का शोक कही जाने वाली नदी कोसी के अलावा बागमती, बूढ़ी गंडक, ललबकिया, कमला बलान में लगभग हर साल बाढ़ आती है और भारी जानमाल का नुकसान होता है। वैसे आंकड़ों की बात करें, तो बिहार के 38 जिलों में से सीमांचल क्षेत्र में आने वाले 13 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं।