मध्य प्रदेश में रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी में एक कैबिनेट मंत्री की पत्नी के ड्राइवर का नाम आने के बाद सियासी तूफान खड़ा हो गया है। जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट के घर से मामला जुड़ा होने पर कांग्रेस ने उनका इस्तीफा मांगा है। 

स्वास्थ्य अधिकारी पूर्णिमा गरड़िया के ड्राइवर पुनित अग्रवाल के पकड़े जाने के बाद मंत्री की पत्नी के ड्राइवर गोविंद राजपूत का नाम सामने आया। अग्रवाल को सोमवार को 4 हजार रुपए की कीमत का रेमडेसिवीर 15 हजार रुपए में बेचते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया था।

इंदौर के एसपी आशुतोष बागड़ी ने कहा कि पूछताछ के दौरान अग्रवाल ने अपना जुर्म कबूल किया कहा कि गोविंद राजपूत ने कालाबाजारी के लिए उसे इंजेक्शन उपलब्ध कराए थे। वे एक दूसरे को जानते हैं और एक ही ट्रेवल एजेंसी के लिए काम करते हैं, जो सरकारी दफ्तरों के लिए किराए पर कार और ड्राइवर उपलब्ध कराती है। 

हालांकि, एसपी ने कहा, ''हम इस मामले की जांच कर रहे हैं, संभव है कि मंत्री से जुड़े एक व्यक्ति का नाम लेकर वह हमें भटकाना चाहता हो। राजपूत को हिरासत में लेने की कोशिश कर रहे हैं और उसके खिलाफ सबूत भी जुटा रहे हैं।'' इस बीच एक कॉन्स्टेबल और होम गार्ड जवान को लाइन अटैच किया गया है, क्योंकि अग्रवाल ने मीडिया के सामने राजपूत का नाम ले लिया था। पुलिस अधिकारी ने कहा, ''दोनों को ड्यूटी में कोताही के लिए अटैच किया गया है, क्योंकि उन्होंने एक आरोपी की सुरक्षा से समझौता किया।''

हालांकि, विपक्ष ने राज्य की बीजेपी सरकार पर हमलावर हो गई है और सिलावट का इस्तीफा मांगा जा रहा है। इंदौर के कांग्रेस जिला अध्यक्ष सदाशिव यादव ने कहा, ''तुलसी सिलावट को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने अपनी शक्ति का दुरुपयोग करते हुए इंजेक्शन की कालाबाजारी के लिए चालक का इस्तेमाल किया। मामले की उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए।''

यादव ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस मामले को छुपा रही है। उन्होंने कहा, ''पुलिस ने दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की क्योंकि मामले को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। अग्रवाल ने गोविंद राजपूत का सार्वजनिक तौर पर नाम लिया, जिससे इस गड़बड़ी का खुलासा हुआ।''