भारत के लोगों को इस साल मार्च में रिकॉर्ड लेवल की गर्मी का सामना करना पड़ा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक, देश में 1901 के बाद से सबसे गर्म मार्च महीना रहा, जिस दौरान अधिकतम तापमान सामान्य से 1.86 डिग्री सेल्सियस अधिक था। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि देश भर में औसत वर्षा भी बीते महीने औसत से 71% कम हुई।

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रिपोर्ट के मुताबिक, देश में मार्च में औसत तापमान 33.10 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ जो कि सामान्य से 1.86 डिग्री सेल्सियस अधिक है। इस दौरान औसत न्यूनतम तापमान 20.24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उत्तर-पश्चिम इलाके में सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया, जो कि सामान्य से 3.91 डिग्री सेल्सियस अधिक था। वहीं, सेंट्रल एरिया में भी मार्च सामान्य से 1.62 डिग्री सेल्सियस ज्यादा गर्म था।

भारत में मार्च में औसत तौर पर 8.9 एमएम बारिश हुई, जो कि लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) के 30.4 एमएम से 71 प्रतिशत कम है। मार्च में 1909 में 7.2 मिमी और 1908 में 8.7 मिमी बारिश हुई थी। ऐसे में इस साल पिछले महीने 1901 के बाद से तीसरी सबसे कम बारिश हुई।

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मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि आने वाले सालों में लू की तीव्रता बढ़ती जाएगी। पिछले कुछ सालों में ऐसे दिन ज्‍यादा रहे हैं जब बारिश हुई ही नहीं। कुछ मामलों में बहुत ज्‍यादा बारिश हुई और गर्मी भी बढ़ती गई है।