असम के 15 लाख हिंदुओं को विदेशी घोषित करना धोखा है। असम के एनआरसी में बंगलादेश से आए 49 लाख मुस्लिमों को स्वदेशी बताने का पुरजोर विरोध किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद व राष्ट्रीय बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में विरोध जताया। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद व राष्ट्रीय बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सदर एसडीएम को सौंपा।


अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के विभाग मंत्री कमलेश त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष जगदंबा प्रसाद मिश्र, जिला मंत्री रमेश पांडेय, शिवराम सिंह, संदीप उपाध्याय, घनश्याम मिश्र, झूमा सिंह, गोविंद सिंह, देशबंधु त्रिपाठी व राष्ट्रीय बजरंग दल के अध्यक्ष सुधाकर त्रिपाठी आदि ने डीएम को सौंपे गए ज्ञापन में कहा है कि असम में 15 लाख हिंदू विदेशी, 49 लाख बंग्लादेशी स्वदेशी नागरिक अब नहीं चलेगा, नहीं चलेगा।


आसाम सरकार ने 31 अगस्त को राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर की सूची जारी कर दिया है। सूची के विरोध व आसाम के हिंदुओं की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दलके कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि एनआरसी में भारी गड़बड़ी है। गड़बड़ी दूर कराने के लिएनई एनआरसी कराई जाए।


आसाम की सभी जनजातियों को देश में सुरक्षा मिले। बंगलादेश, पाकिस्तान व अफगानिस्तान से आए हिंदुओं को देश की नागरिकता में शामिल किया। कलेक्ट्रेट में सदर एसडीएम को ज्ञापन सौंपते समय दोनों सगठनों के तमाम कार्यकर्ता मौजूद रहे।