सरकार ने पेंशन स्कीम लेने वालों के लिए बड़ा ऐलान किया है। यह ऐलान नेशनल पेंशन सिस्टम यानी कि NPS को लेकर किया गया है। इसके तहत पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने एनपीएस को और ज्यादा आकर्षक बनाया है। 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को जोड़ने के लिए नए प्रावधान किए गए हैं। नए नियम के तहत अब एनपीएस के जमाकर्ता पेंशन फंड का 50 प्रतिशत तक इक्विटी या शेयरों में जमा कर सकेंगे। इससे पेंशन की राशि बढ़ जाएगी और रिटायरमेंट बाद ज्यादा पैसे मिलेंगे।

एनपीएस से निकलने के नियमों को नरम किया गया है। यानी कोई समय पूर्व एनपीएस खाता बंद कराना चाहता है तो इसमें कोई अड़चन नहीं आएगी। पहले इक्विटी या शेयर में 40 परसेंट हिस्सा ही जमा कर सकते थे जिसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। साथ ही एनपीएस से समय से पहले निकलने के लिए कई नियमों की बाध्यता थी जिसे कम किया गया है। जमाकर्ता को फंड पर ज्यादा रिटर्न देने के लिए इक्विटी, कॉरपोरेट बॉन्ड, सरकारी सिक्योरिटी और अल्टरनेट एसेट में निवेश करने की छूट दी जाएगी। अब 65 साल से ज्यादा उम्र के खाताधारक अल्टरनेट एसेट में मात्र 5 परसेंट रकम जमा कर सकेंगे। जो लोग 65 साल के बाद एनपीएस में जुड़ रहे हैं, वे तीन साल बाद निकल सकते हैं। यानी खाताधारक चाहे तो तीन साल बाद ही एनपीएस को बंद करा सकता है।

एनपीएस से जुड़ने की आयु को 65 से बढ़ाकर 70 साल किया गया है। इसके साथ ही पीएफआरडीए ने एनपीएस स्कीम में प्रवेश और बाहर निकलने के नियमों में सुधार किया है। एनपीएस में प्रवेश की आयु को 18-65 से सुधार कर 18-70 किया गया है। पहले 18 साल से लेकर 65 साल तक के लोग एनपीएस से जुड़ सकते थे। अब इस आयु सीमा को बढ़ाकर 18 से 70 साल कर दिया गया है। 70 साल में एनपीएस से जुड़कर कोई खाताधारक 75 साल तक बना रह सकता है। अगर किसी ने अपना एनपीएस खाता पहले बंद कर दिया है तो नए नियम के अनुसार फिर से शुरू करा सकता है। उस खाताधारक को नए नियम के मुताबिक लाभ दिए जाएंगे।

पीएफआरडीए ने कहा कि एनपीएस के अंशधारक को एन्युटी की खरीद के लिए कम से कम 40 प्रतिशत फंड का इस्तेमाल करना होगा। बाकी राशि को एकमुश्त निकाला जा सकता है। एन्युटी में जितना पैसा जमा किया जाएगा, उसका रिटर्न उतना ही ज्यादा मिलेगा। इस आधार पर खाताधारक के हाथ में ज्यादा पैसे आएंगे। यदि अंशधारक का फंड पांच लाख रुपये या इससे कम है तो वह पूरी जोड़ी गई पेंशन को एकमुश्त निकाल सकता है। पहले यह नियम नहीं था। तीन साल से पहले एनपीएस से बाहर निकलने को ‘प्रीमैच्योर एक्जिट’ माना जाएगा। इसमें खाताधारक को एन्युटी के लिए कम से कम 80 प्रतिशत फंड का इस्तेमाल करना होगा। यदि अंशधारक समय से पहले एनपीएस से निकलना चाहता है और उसका फंड 2.5 लाख रुपये से कम है, तो वह जोड़ी गई पूरी राशि को एक बार में निकाल सकता है।

एक और फैसले में सरकार ने सरकारी बैंक कर्मचारियों के परिजनों को राहत देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत उनके लिए मासिक पारिवारिक पेंशन बढ़ाकर कर्मचारी के अंतिम रूप से प्राप्त वेतन का 30 प्रतिशत किए जाने की घोषणा की। इससे पहले सरकारी बैंकों (पीएसबी) के मृत कर्मचारियों के परिजन को पारिवारिक पेंशन के रूप में अधिकतम 9,284 रुपये मासिक पेंशन ही मिलती थी। अब नए फैसले से पारिवारिक पेंशन बढ़कर 30,000 से 35,000 रुपये मासिक हो जाएगी। साथ ही, सरकार ने नई पेंशन योजना (एनपीएस) में बैंकों का योगदान 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किए जाने की घोषणा भी की। यह राशि कर्मचारियों की तरफ से बैंक एनपीएस स्कीम में जमा कराते हैं।