भाजपा के फायरब्रांड नेता तथा राज्यसभा सदस्य डा. सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि नागरिकता साबित करने के दस्तावेज जो दिखा नहीं सकते हैं, उन्हें वापस भेज दिया जाएगा, जहां से वे आए थे। उन्होंने घुसपैठियों को किसी भी हालत में देश में रहने देने का विरोध किया है। 

शनिवार को यहां राॅयल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों के साथ हुए मत विनिमय में अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए चर्चित डा. स्वामी से जब एक विद्यार्थी ने असम में जारी एनआरसी अद्यतन प्रक्रिया से संबंधित सवाल पूछा तो डा. स्वामी ने साफ शब्दों में कहा कि घुसपैठियों को देश में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि बांग्लादेश से मुसलमान असम में घुसपैठियों को लोग झेलते रहेंगे। यह हो नहीं सकता। उसी प्रकार म्यांमार से रोहिंग्याओं को खदेड़ने के बाद मानवीयता के आधार पर शरण देने की बात कही जा रही है। बकौल डा. स्वामी,'आप अपने देश में भी नहीं रहेंगे और दूसरे देश में घुसपैठ करेंगे।' नागरिकता की बात आती है तो मानव अधिकार की बात करेंगे। एेसा नहीं चलेगा।


डा. स्वामी ने कहा कि असम में घुसपैठ की समस्या नई नहीं है। इसके कारण एनआरसी अद्यतन की प्रक्रिया को अंजाम दिया जा रहा है। इसके बावजूद भी अगर किसी गैर- भारतीय का नाम एनआरसी के मसौदे में शामिल हो गया है तो स्थानीय लोगों को इसके खिलाफ शिकायत करनी चाहिए।