सच्चाई क्या है लोग उस पर पर्दा डालकर अफवाहों में जी रहे हैं। दिल्ली में हुए निजामुद्दीन जमाती कांड के बाद से मुस्लिम समुदाय पर काफी चर्चाएं हो रही है। दुनिया में फैले कोरोना वायरस को कई लोग इसे मुस्लिम विषाणु के नाम से पुकार रहे हैं। हाल ही की बात करते हैं तो बीते तीन दिनों से एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। यह वीडियो दिल्ली के शास्त्री नगर इलाके का है। वीडियो बनाने वाला व्यक्ति इसमें बोल रहा है कि ये जो मोमेडियन आते हैं गलियों में, बिलकुल नहीं घुसने देंगे मुसलमानों को हम गली में। उसने लोगों से भी निवेदन भी किया है कि आप लोग भी अपनी गली-मोहल्ले के अंदर किसी भी मुसलमान को न घुसने दें।


सब्जि बेचने वाले का आधार कार्ड चेक करो, उनका नाम पूछो, कोई भी मुसलमान है तो आप उनको भगाइए। गंदपना कर रहे हैं ये लोग। सोशल मीडिया पर आने के बाद से वीडियो हजारों लोग शेयर कर चुके हैं। ट्विटर से लेकर फेसबुक और व्हाट्सएप पर कई लोग इस वीडियो का यह कहते हुए समर्थन कर रहे हैं कि सभी लोगों को अपने-अपने मोहल्ले में ऐसा ही करना चाहिए तो दूसरी तरफ कई लोग इस वीडियो के जरिए दिए जा रहे सांप्रदायिक संदेश की भर्त्सना भी कर रहे हैं।


ऐसे में वीडियो सामने आ रहे हैं जिनमें मुस्लिम लोग सब्जियों या फलों में थूक लगा कर बेच रहे हैं। इसीलिए मोहल्ले के लोगों ने तय किया कि यहां जो भी सब्जी बेचने आए उसकी पहचान देखी जाए और सिर्फ पुराने सब्जी वालों को ही आने दिया जाए। एसीपी राठी कहते हैं कि हम लोग जगह-जगह यह घोषणा करवा रहे हैं कि अगर कोई भी व्यक्ति इस तरह से सांप्रदायिक संदेश फैलाते, कोई भेदभाव करते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।