म्यांमार (Myanmar) में सैन्य तख्तापलट ने पूरे देश की हालात खराब करके रख दिया है। हाल ही में सैना का खौफनाक चेहरा सामने आया है, जहां म्यांमार के काया (Kayah) राज्य में सेना (military) द्वारा बच्चों और महिलाओं सहित 30 से अधिक लोगों मौत के घाट उतारा और फिर एक साथ उनके शव जला दिया।
करेनी ह्यूमन राइट्स ग्रुप (Karenni Human Rights Group) ने कहा कि "हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक कि इस भयानक अमानवीय मानवाधिकार उल्लंघन के अपराधियों की पहचान नहीं हो जाती।"
दूसरी ओर, म्यांमार की सेना  (Myanmar military) ने कहा है कि उसने गांव में विपक्षी सशस्त्र बलों से "हथियारों के साथ आतंकवादियों" को गोली मारकर मार डाला था। बता दें कि म्यांमार सरकार का विरोध करने वाले सबसे बड़े नागरिक मिलिशिया में से एक करेनी नेशनल डिफेंस फोर्स (केएनडीएफ) ने कहा कि मृत संगठन के सदस्य नहीं थे, बल्कि शरण लेने वाले निर्दोष नागरिक थे।

बताया गया है कि "हम यह देखकर बहुत हैरान थे कि सभी शव बच्चे, महिलाएं और बूढ़े लोगों के थे।" स्थानीय निवासी ने बताया कि "मैं आज सुबह देखने गया था। मैंने जले हुए शवों को देखा, और बच्चों और महिलाओं के कपड़े भी बिखरे हुए थे, ”।