कोकराझाड़ । अलग राज्य बोडोलैंड की मांग को लेकर सरकार के रवैए से परेशान आब्सू  समेत अन्य बोड़ो संगठनों द्वारा सरकार के खिलाफ जोरदार आंदोलन करने का खाका तैयार किया गया है। आज आब्सू  अध्यक्ष प्रमोद बोडो ने बोडोलैंड राज्य की मांग को लेकर आंदोलन कार्यक्रम की घोषणा की ।

आब्सू के केंद्रीय कार्यालय बोडोफा भवन में आब्सू  एनडीएफबी (पी), एनडीएफबी, पीजेएसीबीएम और यूपीपीएल द्वारा आयोजित संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में आब्सू  अध्यक्ष प्रमोद बोड़ो  ने कहा कि असम में किसी जाती या जनजाति के विकास के लिए उनके राजनितिक अधिकार तथा अन्य अधिकारों को  सुरक्षित रखने के लिए  स्वतंत्र होना आवश्यक है, जिसके लिए हम अलग राज्य बोडोलैंड की मांग कर  रहे है । 

लेकिन राज्य में तथा केंद्र में आज तक जितनी भी सरकारें आई, किसी ने भी हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया और अपने राजनीतिक फायदे के लिए हमारा इस्तेमाल किया ।

इस बार असम तथा केंद्र में भाजपा की सरकार आने से  हमें उम्मीद थी कि भाजपा की सरकार हमारी समस्या का समाधान करेगी, लेकिन इस सरकार से भी हमें कोई आशा की किरण नहीं दिखाई दे रही हैं। गत 26 अप्रेल को केंद्रीय गुहमत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में बोडो समस्या के स्थाई रूप से समाधान के लिए त्रिपक्षीय बैठक आयोजित की गई थी । 

उक्त बैठक में असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद  सोनोवाल, असम के मंत्री चंद्रमोहन पटवारी राज्य तथा केंद्रीय गृह विभाग के अधिकारी उपस्थित थे । बैठक में केंद्रीय  गृहमंत्री राजनाथ सिह ने कहा था कि बोडो समस्या के स्थाई समाधान के लिए त्रिपक्षीय बैठक लगातार होती रहेगी। लेकिन आज तीन महीने गुजर जाने के बाद भी त्रिपक्षीय बैठके आयोजित नहीं की गई । इसलिए हम  अलग राज्य बोडोलैंड की मांग को लेकर गणतांन्निक आंदोलन कार्यक्रम इसके लिए  सरकार जिम्मेवार होगी।

इस अक्सर पर अलग बोडोलैंड राज्य की मांग को लेकर आंदोलन कार्यक्रम की घोषणा की गई। 28 अगस्त को बोडो संहिताओं द्वारा 10  घंटे  राष्टीय राजमार्ग अवरोध, 12  सितंबर को  12 घंटा असम बंद, 1 अक्टूबर सें सामूहिक भूख हडताल अक्टूबर महीने में 24 घंटा रेल अवरोध और नवंबर महीने से अनिश्चितकालीन आर्थिक अवरोध किया जाएगा।