मेसल्स-रूबेला टीकाकरण से गुजरने वाले एक पांच साल के बच्चे की पश्चिम गारो हिल्स के दादेंगेर उप-मंडल के अंतर्गत अमिंगोरोको गांव में एक हफ्ते बाद मौत हो गई।

एक स्वास्थ्य अधिकारी के मुताबिक, बच्चे को 1 अक्टूबर को एमआर का टीका लगाया गया था, जिसके अगले दिन वह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वह अपनी मां के साथ आया। उस समय बच्चे को हल्का बुखार और गर्दन के दाहिने तरफ सूजन थी,  जिसके लिए अावश्यक दवा निर्धारित की गई थी और उसे  दो दिनों तक सेवन करने की सलाह दी गई थी।

उसके छह दिन बाद बच्चा अपनी मां के साथ वापस आया और बच्चे की मां ने बताया कि उसे सांस लेने में तकलीफ के साथ चेहरे और पेट में सूजन हो रही है। एक अधिकारिक बयान में कहा गया है कि बच्चे को आगे के इलाज के लिए उच्च स्वास्थ केंद्र भेजा गया था।

उन्होंने बताया कि बच्चे के पिता को भी सांस संबंधी बीमारी थी, जिसके लिए उसे स्थानीय दवा दी गई थी । ऐसे में यह बिमारी बच्चे को भी हो गई। बच्चे को उल्टी के बाद पेट में दर्द हुआ। उल्टी होने के बाद बच्चे को सांस लेने में कठिनाई होने लगी और 9 अक्टूबर को  बच्चे ने दम तोड़ दिया ।

बच्चे की मौत का कारण संदिग्ध निमोनिया बताया जा रहा है।  स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, जटिलताओं और नैदानिक निष्कर्षों के कारण डब्लयूएचओ दिशा -निर्देशों के अनुसार बच्चे की मौत के लिए मीसल्स-रूबेला के टीका को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है।