केंद्र सरकार ने कहा है कि कोरोना वैक्सीनेशन की दो डोज़ वाली नीति जारी रहेगी और इसमें किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कोविशील्ड की तय खुराकों में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है. उन्होंने ने कहा पहला डोज लगने के 12 हफ्ते बाद दूसरा डोज दिया जाएगा. कोवैक्सिन पर भी तय नियम लागू होगा.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कोविशील्ड की एक डोज पर पर किसी तरह का कंफ्यूजऩ नहीं है. भारत में कोविशील्ड के दो डोज़ हैं. इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं है वही कोवैक्सिन के भी दो डोज़ हैं. मंत्रालय ने कहा कि वैक्सीन की मिक्सिंग पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है, ये साइंस का सब्जेक्ट है, अगर कोई बदलाव किया जाएगा तो मीडिया को बताया जाएगा.

 

नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल ने कहा कि कोरोना की तीसरी वेव को लेकर राज्य सरकारें तैयारी कर रही हैं. उन्होंने कहा कि बच्चों में अबतक जो भी कोरोना पॉजिटिव के मामले आये हैं वो असिम्प्टोमैटिक हैं और गंभीर मामले कम है. पॉल ने कहा कि अगर वायरस वेरिएंट करता है तो बच्चों पर खतरा बढ़ सकता है. उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए पूरी तैयारी है. लक्षणों के बारे में उन्होंने बताया कि कोविड पॉजिटिव बच्चो में बुखार, खांसी, जुकाम, निमोनिया जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं.

वीके पॉल ने कहा कि दो वैक्सीन को मिलाना फिलहाल कोई प्रोटोकॉल नहीं है. कोविशील्ड और कोवैक्सिन की दोनों एक ही तरह की डोज़ देने का नियम बरकरार है. पॉल ने कहा कि वैक्सीन की मिक्सिंग को लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रिसर्च जारी है क्योंकि इसके अनुकूल परिणाम मिलने की संभावना है लेकिन इसके हानिकारक नतीजे भी हो सकते हैं.

देश में पर्याप्त वैक्सीन

ढ्ढष्टरूक्र के निदेशक डॉ बलराम भार्गव ने कहा कि वैक्सीन की कोई कमी नहीं है. जुलाई के मध्य या फिर अगस्त तक हमारे पास पर्याप्त टीके होंगे जिससे कि एक दिन में एक करोड़ लोगों का टीकाकरण किया जा सकेगा. उन्होंने कहा कि हम दिसबंर तक पूरे देश का टीकाकरण करने के प्रति आश्वस्त हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव लव अग्रवाल ने देश में टीकाकरण की स्थिति के बारे में बताया कि अब तक देश में 21.6 करोड़ वैक्सीन डोज़ दी जा चुकी हैं. 45 वर्ष से ज्यादा आयु वर्ग में 15.48 करोड़ डोज़, हेल्थकेयर को 1.67 करोड़ डोज़ और फ्रंटलाइन वर्कर्स को 2.42 करोड़ डोज़, 18-44 आयु वर्ग को 2.03 करोड़ डोज़ दी जा चुकी हैं