एनआरसी की प्रक्रिया के बीच में नागरिकता संशोधन विधेयक को लोकसभा में पास कराना केंद्र सरकार की सबसे बड़ी भूल है और अमसवासियों के लिए सबसे बड़ी विडंबना। आब्सू की नवगठित केंद्रीय समिति के शपथ ग्रहण के अवसर पर आब्सू अध्यक्ष प्रमोद बोड़ो ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए ये बात कही।कोकराझाड़ के बागानशाली स्थित बोड़ोफा भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान आब्सू अध्यक्ष प्रमोद बोड़ो ने अलग बोड़ोलैंड राज्य के गठन को लेकर केंद्र सरकार की स्थिति को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार हमारे साथ वादाखिलाफी कर रही है।

उन्होंने कहा कि बोड़ो समस्या के समाधान करने का वादा करके केंद्र की सत्ता में आने के बाद भाजपा अपना वादा भूल गई। भाजपा ने कहा था कि केंद्र तथा राज्य में सत्ता में आने के बाद बोड़ो समस्या का समाधान करना उनका दायित्व होगा, लेकिन भाजपा ने हमसे धोखा किया। बोड़ो समस्या के समाधान के नाम पर बैठक पक बैठक की, लेकिन बोड़ो समस्या का समाधान नहीं किया। आब्सू अध्यक्ष ने भाजपा को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पूर्वोत्तर में स्थायी शांति तथा विकास चाहती है तो बोड़ोलैंड की समस्या का समाधान करना ही होगा।

प्रमोद बोड़ो ने सरकार द्वार हाल ही में लिए गए कड़े फैसले की सराहना करते हुए कहा कि यह सरकार अगर चाहे तो कुछ भी कर सकती है। उन्होंने कहा कि रातों-रात सरकार गंभीर से गंभीर फैसले ले सकती है। रातों-रात नागरिकता संशोधन विधेयक को पारित करने जैसा साहस इसी सरकार ने किया है। अगर सरकार चाहे तो बोड़ोलैंड की समस्या का समाधान भी निकाल सकती है। भाजपा की सरकार ने ही छत्तीसगढ़ और झारखंड राज्य का गठन किया था। अगर सरकार की राजनीतिक इच्छा हो तो बोड़ोलैंड राज्य की भी गठन कर सकती है। इस सरकार के प्रति हम अभी भी आशावान हैं।

नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर बोड़ो ने कहा कि इस विधेयक के लोकसभा में पास होने से असम के लोगों के साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है। असम के भूमिपुत्रों को छला गया है। सरकार को इस विधेयक को लाने से पहले यहां के स्थानीय लोगों के हित को ध्यान में रखना चाहिए था।