आज के जमाने में अपने पार्टनर का फोन चेक करना एक आम बात है। पार्टनर का फोन चेक करने से शक पैदा होता है और कई रिश्ते ऐसे चुटकियों में टुट जाते हैं। जाहिर है कि आप जरूर जानना चाहेंगे कि आपका पार्टनर किससे बात कर रहा है, किससे चैट कर रहा है और क्या क्या फोन में राज छुपा रखा है। आज के समय में फोन से कई गहरे रिश्ते खत्म हो जाते हैं।


आपको हम बता दें कि आपको पार्टनर का फोन क्यों नहीं चेक करना चाहिए...
प्राइवेसी की बात करें तो अपने पार्टनर का फोन चेक करके आप उसकी प्राइवेसी के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। इस समय आपको खुद से ये सवाल पूछने की जरूरत है कि आपको कैसा लगेगा अगर आपका पार्टनर आपके बेस्ट फ्रेंड से हुई हर चैट को पढ़ता है और आपकी प्राइवेसी को चेक करता।

विश्वास रिश्तों में बहुत मायने रखता है। पार्टनर का फोन चेक करना चाहते हैं, तो इसका मतलब यह भी है कि आपके रिश्ते में कुछ अनबन है। इसकी सबसे बड़ी वजह शक हो सकती है। ऐसा करने से आपके रिश्ते में विश्वास संबंधी समस्या हो सकती है। जब रिश्ते में विश्वास नही होता है तो रिश्ता रखने का कोई मतलब नहीं है। शक बीमारी का कोई इलाज नहीं।