महाराष्ट्र में ठाणे की अदालत (thane court) ने मुंबई और ठाणे के पूर्व पुलिस आयुक्त परमवीर सिंह (parambir singh) के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। अदालत ने परमवीर सिंह (parambir singh) के खिलाफ यह वारंट यहां के सिटी थाने में जबरन वसूली को लेकर दायर मामले में जारी किया है। 

परमवीर सिंह (parambir singh) के खिलाफ गैर जमानती वारंट मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आर. जे तांबले ने 26 अक्टूबर को जारी किया था। तांबले ने ठाणे नगर पुलिस (thane court) को परमवीर सिंह को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 384, 386, 387, 389, 392, 324, 506, 506(2), 166, 109, 120 (बी) तथा हथियार कानून की धारा तीन और 25 के तहत मामला दर्ज है। तांबले ने इस पुलिस अधिकारी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने को कहा है। 

गौरतलब है कि ठाणे पुलिस (thane court) ने सिंह के खिलाफ लुक आउट नोटिस (look out notice) पहले ही जारी कर रखा है। ठाणे पुलिस ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी एवं मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमवीर सिंह तथा छह अन्य लोगों के खिलाफ कथित तौर पर उगाही को लेकर जुलाई में मामला दर्ज किया था। ठाणे नगर पुलिस ने सिंह, एनकाउंटर विशेषज्ञ प्रदीप शर्मा, पुलिस उपायुक्त दीपक देवराज, सहायक पुलिस आयुक्त एन.टी. कमद, निरीक्षक राजकुमार कोठमीरे तथा दो अन्य कनिष्ठ स्तर के अधिकारियों सहित 19 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। शहर के एक व्यापारी केतन तन्ना (54) की शिकायत पर इन लोगों के खिलाफ हथियार कानून के अलावा आईपीसी की धारा 324(मारपीट) 384 (उगाही) 392 (लूटपाट) तथा 506 (आपराधिक धमकी देने) का मामला दर्ज किया है। 

तन्ना ने आरोप लगाया था कि ठाणे के तत्कालीन पुलिस आयुक्त रहे (जनवरी 2018 से फरवरी 2019) परमवीर सिंह (parambir singh) ने जबरन वसूली निरोधक प्रकोष्ठ के दफ्तर में उसे बुलाकर 1.25 करोड़ रुपये की उगाही की थी और उसे गंभीर अपराध के मामले में फंसाने की धमकी दी थी। तन्ना ने कहा था कि इन लोगों ने मेरे दोस्त और कथित सटोरिये सोनू जलाल से इसी तरह से तीन करोड़ रुपये से ज्यादा की उगाही की थी। राज्य अपराध जांच विभाग जलाल द्वारा दायर शिकायत के आधार पर  सिंह के खिलाफ कथित तौर पर उगाही करने को लेकर जांच कर रही है।