दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को कहा कि दो आतंकियों जीशान और ओसामा ने पूछताछ में खुलासा किया कि उन्होंने भारत में पुलों, रेलवे पटरियों और बड़ी सभाओं पर विस्फोट करने के लिए पाकिस्तान के थट्टा में प्रशिक्षण प्राप्त किया था। पाकिस्तान जाने के बावजूद उनके पासपोर्ट पर मुहर नहीं लगी है।

पुलिस ने कहा कि इन आतंकियों ने समुद्री मार्ग लिया था और ग्वादर बंदरगाह से प्रवेश किया था। उन्होंने ओमान से पाकिस्तान जाते समय एक मोटरबोट का भी इस्तेमाल किया। जांच से यह भी पता चला है कि उनकी योजना 1993 के मुंबई विस्फोटों के समान थी। अलग-अलग जगहों के लोगों को अलग-अलग जगहों की रेकी करके मिलना था।

सूत्रों ने दावा किया कि स्लीपर सेल की भूमिका भी सामने आई है। आतंकियों के पास से 1.5 किलो आरडीएक्स बरामद किया गया है और जांच एजेंसी एक-एक बिंदु की जांच कर उसे कनेक्ट कर रही है। स्पेशल सेल के सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) द्वारा ग्वादर बंदरगाह के पास जिओनी नाम के एक कस्बे में दो गिरफ्तार आतंकवादियों के साथ 15 बंगाली भाषी लोगों को भी प्रशिक्षित किया गया था। पुलिस को शक है कि वे पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं।

महाराष्ट्र एटीएस की टीम स्पेशल सेल के अधिकारियों से मुलाकात के लिए दिल्ली में है और संदिग्धों से संयुक्त पूछताछ करने की संभावना है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मंगलवार को पाकिस्तान द्वारा संचालित एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया और पाकिस्तान से ट्रेनिंग लेने वाले दो आतंकवादियों सहित छह गुर्गों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए संदिग्ध देशभर में टारगेट हत्याओं और विस्फोटों को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।