अफगानिस्तान में तालिबान सरकार बनाने का ऐलान करने वाला था लेकिन सरकार का ऐलान करने से पहले ही तालिबानी आपस में सत्ता के लिए झगड़ रहे हैं। सत्ता की लड़ाई इतना खौफनाक थी की धुंआधार गोलियां चलाई गई। तालिबान और हक्कानी नेटवर्क में तगड़ी लड़ाई छिड़ गई है। अफगानी रिपोर्ट के मुताबिक हक्कानी नेटवर्क की फायरिंग में तालिबान का को-फाउंडर मुल्ला बरादर घायल हो गया है।



तालिबानी सरकार की कमान आतंकियों के हवाले

अफगान में तालिबानी सरकार के ऐलान से पहले पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज हामिद के काबुल पहुंचे हैं। इस पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच अफगानिस्तान की पूर्व सांसद मरियम सोलाइमनखिल ने कहा है कि ISI चीफ काबुल इसलिए पहुंचे हैं ताकि आतंकी संगठन हक्कानी नेटवर्क के नेता को तालिबानी सरकार का प्रमुख बनवा सकें और मुल्ला अब्दुल गनी बरादर को प्रमुख बनने से रोक सकें। जिससे मालूम होता है कि अफगान में आतंकी सरकार बन सकती है।


अफगानिस्तान की पूर्व सांसद मरियम मरियम ने ये भी कहा है कि तालिबानी गुटों और मुल्ला बरादर के बीच कई मुद्दों पर असहमति है और बरादर ने अपने लोगों को पंजशीर में चल रही जंग से दूर कर लिया है। बता दें कि मरियम के बयान से पहले तक ये अटकलें थीं कि मुल्ला बरादर ही तालिबानी सरकार का प्रमुख होगा।