जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले की साजिश रचने के साथ ही अब पाकिस्तान घाटी के लोगों की आस्था पर भी प्रहार करने की साजिश रच रहा है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की सर्तकता के चलते यह साजिश नाकाम हो गई है। जानकारी के अनुसार एलओसी से सटे पुंछ जिले में मंदिर पर ग्रेनेड हमला कर माहौल बिगाड़ने के बड़े षड्यंत्र का खुलासा हुआ है। 

सुरक्षा बलों ने आतंकियों के तीन मददगार गिरफ्तार किए हैं। इनके कब्जे से छह ग्रेनेड, पाकिस्तानी झंडे वाले गुब्बारे और लश्कर-ए-ताइबा के नए संगठन जम्मू-कश्मीर गजनवी फोर्स के पोस्टर बरामद हुए हैं। गिरफ्तार किए गए आतंकी मददगारों के मोबाइल में हैंड ग्रेनेड फेंकने का प्रशिक्षण देने वाला वीडियो भी बरामद हुआ है। तीनों लंबे समय से सीमा पार हैंडलर के संपर्क में थे, जिन्हें पुंछ में मेंढर के गांव अड़ी में मंदिर पर ग्रेनेड हमला करने का टास्क दिया गया था, लेकिन ऐन मौके पर तीनों की गिरफ्तारी से बड़ी वारदात को टाल दिया गया है। 

सूत्रों के अनुसार एलओसी से सटे कांगड़ा गुलुता मार्ग पर एसओजी और 49 आरआर ने नाका लगाकर एक गाड़ी को रोका। जांच के दौरान मुस्तफा खान की संदिग्ध हरकतों को देखते हुए उसे पूछताछ के लिए पकड़ा गया। कड़ी पूछताछ में उसने पाकिस्तान में आतंकियों के साथ संबंधों के राज उगलने शुरू कर दिए। पूछताछ के आधार पर उसके घर से तलाशी लेने पर छह ग्रेनेड बरामद किए गए। मुस्तफा के खुलासे के बाद बालाकोट सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर फेंसिंग के आगे स्थित गांव डब्बी से दो सगे भाइयों मोहम्मद यासीन और मोहम्मद इकबाल को दबोचा गया। दोनों के पास आतंकी संगठन जम्मू-कश्मीर गजनवी फोर्स से संबधित सामान बरामद किया गया है।