अलग बोड़ोलैंड राज्य की मांग को लेकर सोमवार को चिरांग जिला सदर काजलगांव में बोड़ो महिलाओं ने दस घंटे का राष्ट्रीय राजमार्ग अवरोध किया।

अखिल बोड़ो छात्र संघ (आब्सू) के आह्वान पर आयोजित उक्त अवरोध कार्यक्रम में एनडीएफबी(पी), पीपल्स डेमोक्रेटिक मूवमेंट ऑफ बोड़ोलैंड आदि कई संगठनों ने हिस्सा लिया।

निचले असम के विभिन्न जिलों से आई दस हजार से भी अधिक महिलाओं ने काजलगांव स्थित जिला उपायुक्त कार्यालय और आब्सू कार्यालय के नजदीक राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 31 सी पर धरना दिया।

पृथक बोड़ोलैंड की मांग पर विभिन्न नारे लगाते हुए सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक धरना दिया। इस अवरोध स्थल पर उपस्थित होकर आब्सू अध्यक्ष प्रमोद बोड़ो ने कहा कि अलग बोड़ो राज्य की मांग पर लंबे दिनों से आंदोलन चला आ रहा है मगर केंद्र तथा राज्य सरकारों को इस पर कोई खबर नहीं है।

पिछले अप्रैल में हुए त्रिपक्षीय बातचीत के बाद कोई भी प्रक्रिया नहीं हुई है, जबकि हर महीने त्रिपक्षीय बातचीत की बात थी। बोड़ो ने आज के दिन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह पहला मौका है, जब अलग राज्य की मांग पर हजारों की संख्या में महिलाएं सड़क पर उतर आईं हैं।

उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर बोड़ो समुदाय को प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर राज्य तथा केंद्र सरकार गणतांत्रिक आंदोलन को महत्व नहीं देती हैं तो हमें अन्य रास्तों का भी अवलंबन करना पड़ सकता है।

इस अवरोध कार्यक्रम में यूपीपीएल अध्यक्ष उर्खाव गौड़ा ब्रह्म सहित बोड़ो साहित्य सभा और एनडीएफबी(पी) के शीर्ष कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।

गौरतलब है कि उक्त अवरोध कार्यक्रम के चलते सुबह 7 बजे से राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह से ठप रहा।