कांग्रेस के पूर्व मंत्रियों सहित दस वरिष्ठ नेताओं ने वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद के समर्थन में कांग्रेस पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और कहा कि वे अपने नेता के साथ खड़े हैं और भविष्य उज्ज्वल है। इससे कांग्रेस राज्य इकाई में ऐसे समय संकट आ गया जब पार्टी  ‘भारत जोड़ो यात्रा’ शुरू कर रही है। 

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पूर्व केंद्रीय मंत्री और वयोवृद्ध नेता गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस पार्टी की सभी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। अपने नेता के प्रति वफादारी दिखाते हुये अब तक जम्मू-कश्मीर के दस नेताओं ने पार्टी आलाकमान को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। इस्तीफा देने वालों में जीएम सरूरी, विधायक मुहम्मद अमीन भट, जुगल किशोर, हाजी रशीद, चौधरी मोहम्मद अकरम, गुलजार अहमद वानी (पूर्व विधायक), नरेश गुप्ता, आरएस चिब (पूर्व एमएलसी), लोलाब से मुनीर अहमद मीर और सलमान निजामी शामिल हैं।

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जेकेपीसीसी के पूर्व प्रमुख गुलाम अहमद मीर ने  बताया, फैसला बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा, पार्टी में उनके (गुलाम नबी आजाद) हिसाब से सब कुछ हो रहा था लेकिन फिर भी वह संतुष्ट नहीं थे और इस्तीफा देना पसंद किया, तो क्या किया जा सकता है। मीर ने कहा, कांग्रेस आलाकमान ने उनकी सभी मांगों को मान लिया और उनके द्वारा विभिन्न पदों के लिए प्रस्तावित नामों पर भी विचार किया, लेकिन उन्होंने पहले ही कांग्रेस को विभाजित सदन बनाने का मन बना लिया था, फिर मैं और क्या कहूं। उन्होंने कहा, बाकी, कांग्रेस विचारधाराओं की पार्टी है और जो विचारधारा वाले हैं वे पार्टी के साथ रहेंगे लेकिन जो किसी व्यक्ति के साथ रहना चाहते हैं और उनका अनुसरण करना चाहते हैं, यह उनकी समस्या है। आजाद के वफादार पूर्व मंत्री, जुगल किशोर शर्मा से जब संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा, हम अपने नेता के साथ हैं और उनके साथ खड़े रहेंगे। आगे की कार्रवाई में जो भी निर्णय लिया जाएगा, उसे सर्वसम्मति से स्वीकार किया जाएगा, लेकिन अभी हमने अपना इस्तीफा सौंप दिया है।